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सड़क पर उतरे मांझी-नीतीश समर्थक

6 वर्ष पहले
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बिहारके मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच सत्ता का संघर्ष सिर्फ कैबिनेट की बैठक या नीतीश के घर आयोजित विधायक दल की बैठक में ही दिखी, बल्कि बिहार के सड़कों पर भी दोनों के समर्थक उतरेे और सड़क जाम कर एक-दूसरे (मांझी और नीतीश) का पुतला फूंका।

पटना के डाकबंगला चौराहे पर शनिवार को दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक कई संगठनों ने धरना-प्रदर्शन दिया। सबसे पहले दोपहर 12 बजे स्वर्ण स्वाभिमान मोर्चा और छात्र समागम के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान से आयकर गोलंबर के बीच जीतन राम मांझी के विरोध में बाइक रैली निकाली। इस दौरान कार्यकर्ता पीके शाही जिंदाबाद और जीतन राम मांझी मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। इसके बाद सभी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का पुतला फूंका। इसके तुरंत बाद ही राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने करगिल चौक से चलकर डाकबंगला पहुंचे। यहां पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया। उन्होंने बिहार में व्याप्त राजनीतिक परिदृश्य को लेकर विरोध जताया।

दोपहर 1. 30 बजे लगभग सात हजार जीविका कर्मचारी डाकबंगला पहुंचे और शुक्रवार को आर ब्लॉक चौराहे पर पुलिसिया कार्रवाई का विरोध जताया। ह्यूमन चेन बनाकर सभी कार्यकर्त्ता बीच सड़क पर ही बैठ गए। करीब एक घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद सभी कर्मचारी आर ब्लॉक पहुंचे। तीन बजे से शाम 4:30 बजे तक आर ब्लॉक गेट बंद करना पड़ा। जीविका के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि सरकार के उदासिन रवैये के कारण जीविका कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन ने शाम पांच बजे से धरना खत्म करने का फैसला किया है।





जीविका कर्मचारियों ने प्रदेश भर में कोई भी जीविका कार्यालय नहीं चलने देने का फैसला किया है।

एजेंसी| पटना

बिहारके मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को राज्य के सभी नागरिकों, अपने शुभचिंतकों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके समर्थन में जो लोग आए हैं और संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे उनके प्रति वह आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि वह एेसे लोगों से नम्रतापूर्वक अपील करते हैं कि वे धरना-प्रदर्शन और घेराव करें तथा अपने-अपने घरों को शांतिपूर्वक लौट जाएं। मांझी ने कहा कि उनके समर्थक एेसा व्यवहार नहीं करें जो संसदीय परंपरा एवं नैतिक मूल्यों के विरुद्ध हों।

पिछड़ा-अतिपिछड़ा एवं दलित समाज ने मांझी जिन्दाबाद का नारा लगाते सचिवालय थाना के सामने किया प्रदर्शन।