पाक से भाग गया मसूद अजहर अफगान में होने की आशंका
लश्कर, जैश के आतंकियों को ISI ने तैयार किया : मुशर्रफ
लश्कर-ए-तैयबाऔर जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों को भारत पर हमले करने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने तैयार किया है। ये हमले तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक भारत मुख्य मुद्दे कश्मीर को हल करने के लिए तैयार नहीं होता। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने यह दावा किया है। एक भारतीय टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में मुशर्रफ ने कहा, ‘पाकिस्तानी सेना सिविलियन लोगों को ट्रेनिंग नहीं देती। जैश-ए-मुहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा को आईएसआई ने ट्रेनिंग दी है।’ यह पूछे जाने पर कि भारत-पाकिस्तान शांति वार्ता में प्रगति के बारे में आप क्या सोचते हैं? उन्होंने कहा, ‘अगर आप मुख्य मुद्दे को हल कर देते हैं तो सब ठीक हो जाएगा। दुर्भाग्यपूर्ण आतंकी हमले और उग्रवाद तब तक जारी रहेगा जब तक हम मुख्य मुद्दे पर ध्यान नहीं देते।’
उन्होंने कहा, ‘हर कोई जो कश्मीर के लिए लड़ता है, वह स्वतंत्रता सेनानी है।’ ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के प्रमुख मुशर्रफ ने पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड मसूद अजहर को तो आतंकी बताया है। लेकिन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद को पाकिस्तानी हीरो करार दिया है।
हेडली के बयान भरोसे के काबिल नहीं
मुंबईहमलों में शामिल आतंकी डेविड हेडली के बयान और खुलासों के बाबत परवेज मुशर्रफ ने कहा, ‘जो कुछ हेडली ने कहा है, मैं उस पर विश्वास नहीं करता। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को हेडली से पूछताछ करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘भारत को 2007 में समझौता एक्सप्रेस मामले के आरोपियों को पाकिस्तान को सौंप देना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों में शामिल नहीं है। बल्कि पाकिस्तान में हमलों के पीछे भारतीय खुफिया एजेंसियों का हाथ है। मेरे पास भारतीय खुफिया एजेंसी ‘रॉ’ के एजेंट्स के खिलाफ सबूत हैं।’
पठानकोट में एनएसजी से एडवांस थी आतंकियों की टेक्नोलॉजी
नई दिल्ली | पठानकोटहमले के दौरान आतंकियों ने आईईडी में जो टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की थी, उसका तोड़ एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) के पास नहीं था। इसीलिए आईईडी को निष्क्रिय करने में लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन ईके की जान चली गई। एनएसजी प्रमुख आरसी तायल ने आईईडी की समस्या से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, “पठानकोट हमले में आईईडी को निष्क्रिय करने के लिए एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर) में जो कुछ था उसका पालन किया गया। लेकिन आतंकियों ने एक नई चीज का इस्तेमाल किया, जो जाने क्यों एसओपी में शामिल नहीं थी। संभवत: इसी वजह से एनएसजी के होनहार अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन ईके की जान चली गई। इससे सबक लेकर हम अपनी एसओपी बदल रहे हैं।’
इस्लामाबाद | पाकिस्तानके सेना अध्यक्ष जनरल रहील शरीफ ने गुरुवार को 12 आतंकियों की फांसी की सजा पर मुहर लगा दी। इन्हें देश की विभिन्न फौजी अदालतों ने फांसी की सजा सुनाई थी। इनमें बानू जेल से फरार हुए आतंकी भी शामिल हैं। इन्हें फांसी पर लटकाने की तारीख अभी तय नहीं है।सेना की ओर से जारी सूचना के मुताबिक इनमें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के आठ, सिपह-ए-सहाबा और अल कायदा के दो-दो आतंकी शामिल हैं। इन लोगों पर 16 दिसंबर 2014 को पेशावर स्कूल पर हुए आतंकी हमले के बाद मुकदमे चलाए गए थे। उस हमले में 150 से ज्यादा लोगों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान ने फांसी की सजा पर लगी रोक हटा ली थी। तब से कई आतंकियों को फांसी पर लटकाया जा चुका है