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आतंकियों से मिली साजिश की जानकारी के आधार पर हादसे की जांच

5 वर्ष पहले
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कानपुरके पोखराया रेल हादसा घोड़ासहन के रेल ट्रैक पर बम प्लांट करने के मामले में एनआईए की लखनऊ विंग ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जिसके बाद जीआरपी केस को एनआईए को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लखनऊ के एनआईए थाना में रक्सौल जीआरपी के कांड संख्या 19/16/ एनआईए 2/17 दर्ज की गई है।

कांड के अनुसंधानकर्ता एएसपी हैं तो सहायक अनुसंधानकर्ता डीएसपी। सहायक अनुसंधानकर्ता ने रक्सौल जीआरपी को पत्र देकर घोड़ासहन रेल हादसा में रक्सौल जीआरपी थाना में दर्ज कांड संख्या 19/16 का मूल रिकार्ड मांगा है। जीआरपी एक-दो दिन में मूल रे-कार्ड को एनआईए को सौंप देगी। जिसके बाद एनआईए कांड की जांच शुरू कर देगी। एनआईए के अधिकारी घोड़ा सहन रेल ट्रैक पर बम प्लांट कांड के अनुसंधानकर्ता रामाकांत उपाध्याय से घटना के संबंध में जानकारी लिया। मूल रेकार्ड मिलने के बाद एनआईए अपनी जांच शुरू कर देगी। इधर, जीआरपी के अर्जी पर आतंकी मोती पासवान, उमाशंकर पटेल मुकेश यादव की पेशी बेतिया रेल न्यायालय में हुई। जहां न्यायालय ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। रेल डीएसपी रामाकांत उपाध्याय ने बताया कि केस को एनआईए को ट्रांसफर किया जा रहा है। अब मामले की जांच एनआईए करेगी। उन्होंने बताया कि मुकेश, मोती उमाशंकर को आदापुर कांड संख्या 7/17 से रक्सौल जीआरपी कांड संख्या 19/16 में रिमांड किया गया है। अब एनआईए उन्हें आसानी से रिमांड पर ले सकती है। इधर, एनआईए के अधिकारी आतंकियों से मिले इनपुट के आधार पर जांच में जुटे हैं। सोमवार को भी अधिकारी आदापुर, घोड़ासहन रक्सौल जाकर मामला की तहकीकात किए। जांच के दौरान अधिकारियों को कई नई जानकारियां मिली है। नेपाल में ब्रजकिशोर मोनाजिर के करीबी से पूछताछ की गई है।









जिसमें जाली नोट घटना से जुड़े कुछ इनपुट मिले हैं। जिसके आधार पर एनआईए सीमावर्ती क्षेत्र में काम कर रही है। एनआईए को अब वैसे लोगों की तलाश है जो ब्रजकिशोर मोती के लिए भारतीय सीमा में काम कर रहे थे।

कानपुर के पोखराया इंदौर-पटना एक्स. हादसे में एनआईए ने दर्ज की प्राथमिकी

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