जेईई एडवांस से ही एनआईटी में दाखिले की तैयारी
आईआईटीकी तर्ज पर जेईई एडवांस के जरिए ही एनआईटी में भी दाखिला लेने की तैयारी है। वर्ष 2017 से इसे लागू किया जा सकता है। हालांकि, अभी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय और आईआईटी की सहमति बाकी है। अगर ऐसा होता है तो 2017 में होने वाली जेईई मेंस सिर्फ स्क्रीनिंग होगी। मेंस के बाद जेईई एडवांस की रैंक के आधार पर ही अभ्यर्थियों को आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी और अन्य जीएफटीआई में दाखिला मिलेगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से एनआईटी में दाखिले की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा के लिए बनाई गई दोनों कमेटियों ने दाखिले के लिए 12वीं के अंकों के महत्व को उचित नहीं ठहराया है। कमेटियों के मुताबिक इससे कोचिंग संस्थानों को बढ़ावा मिल रहा है और छात्रों पर बेवजह दबाव बन रहा है। पहली कमेटी आईआईटी निदेशक प्रो. देवांग के नेतृत्व में बनी।
दूसरी कमेटी सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग के डायरेक्टर जनरल रजत मूना के नेतृत्व में गठित हुई थी। इन कमेटियों के सुझाव के बाद मंत्रालय ने आईआईटी रुड़की के चेयरमैन अशोक मिश्रा के नेतृत्व में एक और पैनल बनाया। इस पैनल ने नवंबर में सौंपी अपनी रिपोर्ट में एकल इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की वकालत की है।
2018 से स्क्रीनिंग के लिए एप्टीट्यूड टेस्ट का प्रस्ताव
पैनल ने आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी और जीएफटीआई में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा से पहले एप्टीट्यूड टेस्ट के आयोजन की भी बात कही है। एप्टीट्यूड टेस्ट को सत्र 2018 से शामिल किया जा सकता है। सभी स्टूडेंट्स के लिए इसमें शामिल होना अनिवार्य होगा।