छात्रवृत्ति घोटाले पर चुपी तोड़ें नीतीश : मोदी
कहां गए शेष 364 छात्र, कितनी राशि वसूली
मोदीके मुताबिक सरकार ने स्वीकार किया कि अलीगढ़ के तकनीकी काॅलेजों में बिहार के 404 दलित छात्रों का नामांकन हुआ, लेकिन जांच में 40 छात्र ही वहां मिले। शेष 364 दलित छात्र कहां गए? नवादा के जिन 60 छात्रों के नाम पर उनके संस्थान को 1 करोड़ रुपए भेजे गए, वे फर्जी पाए गए। इस मामले में 19 दिसंबर, 2015 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई, लेकिन दोषी अधिकारियों को बर्खास्त क्यों नहीं किया गया? चुकाए गए एक करोड़ रुपए में से कितनी राशि की वसूली हुई?
पॉलिटिकल रिपोर्टर|पटना
पूर्वउपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि ओडिशा में पढ़ने वाले बिहार के दलित छात्रों ने राज्य में वर्षों से जारी छात्रवृत्ति घोटाले से पर्दा हटा दिया है। वहां 83 दलित छात्रों की छात्रवृत्ति डेढ़ साल से बकाया थी। छात्रों के आत्मदाह की धमकी के बाद सरकार की नींद टूटी। 30 छात्रों की छात्रवृत्ति के बदले 18 लाख रुपए भेजे गए, पर शेष 53 लोगों की छात्रवृत्ति छोड़ दी गई। उनका क्या होगा?
मोदी ने कहा- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बताना चाहिए कि भुवनेश्वर, अलीगढ़, बेंगलुरू और पंजाब के तकनीकी काॅलेजों में यहां के दलित छात्रों का दाखिला कराने और उनके हिस्से की छात्रवृत्ति हड़पने का रैकेट कैसे चल रहा है? उन्हें बताना चाहिए कि इतनी बड़ी संख्या में बिहार के दलित छात्रों का दाखिला अलीगढ़ के चंदौस में चलने वाले तकनीकी काॅलेजों में ही क्यों हुआ? जिस दुलारी देवी काॅलेज में 70 दलित छात्रों ने दाखिला लिया, वह बंद कैसे पाया गया?