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वित्त आयोग पर गलतबयानी कर रहे नीतीश : मोदी

7 वर्ष पहले
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मुलायम ने जदयू-राजद को आईना दिखाया : नंदकिशोर

कहा, आम बजट में भी बिहार को मिलेंगे तोहफे

पॉलिटिकलरिपोर्टर | पटना

विधानसभामें विपक्ष के नेता नंदकिशोर यादव ने कहा कि रेल बजट की तारीफ करके सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने जदयू और राजद को आईना दिखाया है। कल तक मुलायम को तथाकथित समाजवादी गठबंधन का मुखिया बताने वाले लोगों को अब समझ में ही नहीं रहा कि वे क्या कहें? मुलायम ने कहा है कि लोक-लुभावन वादों पर जाकर विकासपरक बजट बनाने का जो साहस दिखाया गया है, उसकी तारीफ होनी चाहिए। जदयू, राजद और कांग्रेस को उनसे सीख लेनी चाहिए कि सिर्फ विपक्षी दल में होने की वजह से विकास के हर मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। यादव ने कहा कि आम बजट में भी बिहार पर तोहफों की बरसात होने की उम्मीद है, इसलिए नकारात्मक राजनीति करने वाले जदयू-राजद-कांग्रेस अपने बयान पहले से तैयार कर लें। बिहार में आमान परिवर्तन, दोहरीकरण और रेल पुलों के निर्माण के लिए इस बजट में किसी भी राज्य से ज्यादा राशि आवंटित की गई है।





संभव हुआ तो इसी सत्र में नई ट्रेनों का भी ऐलान हो सकता है। जदयू की सरकार को बताना चाहिए कि बढ़ते अपराधों को लेकर क्या समीक्षा बैठकें ही होती रहेंगी या फिर जमीनी स्तर पर कुछ नतीजा भी दिखाई देगा? सीवान में भाजपा नेता श्रीकांत भारतीय की हत्या के मामले में गोरखपुर से गिरफ्तार कर लाए गए आरोपी ने पूछताछ में जिस बाहुबली का नाम उगला है, क्या सरकार उसके खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी? बड़े जोर-शोर से यह प्रचार किया गया था कि डीएम और एसपी जवाबदेह होंगे, नपेंगे, लेकिन इसका कहीं कोई असर तो दिख नहीं रहा। अब तो किसानों की हत्या और मजदूरों तक से वसूली और मारपीट भी होने लगी है। हालात सुधरने की बजाय बिगड़ते ही जा रहे हैं।

आपदा के लिए 1386 करोड़ मिले

मोदीने कहा, ग्रामीण और शहरी निकायों के 13वें वित्त आयोग के तहत (2010-15) के तहत 5682 करोड़ मिले थे। चौदहवें वित्त आयोग (2015-16 से 2019-20) के बीच 21056 करोड़ रुपए मिलेंगे। आपदा प्रबंधन के लिए केंद्र से 1386 करोड़ मिले। इसमें राज्यांश 462 करोड़ देना था।



वहीं चौदहवें वित्त आयोग में केद्रांश के रूप में 2332 करोड़ रुपए मिलेंगे जबकि राज्यांश मात्र 259 करोड़ रुपए देने पड़ेंगे।

राज्यों को खर्च करने की आजादी मिली

सुमोने कहा कि पहली बार 14वें वित्त आयोग ने राज्यों की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से बढ़ा कर 42 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय करों की राशि को किसी योजना विशेष से बांधने की बजाए राज्यों को अपने हिसाब से खर्च करने की आजादी दी गई है। राज्यों की केंद्रीय योजनाओं में हिस्सेदारी को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। नीतीश बार-बार गाडगिल-मुखर्जी फार्मूले की बात करते हैं लेकिन इससे बिहार को सामान्य केंद्रीय सहायता के रूप में सालाना 1352 करोड़ रुपए ही मिल पाते हैं। वहीं 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर चालू वित्तीय वर्ष की तुलना में अगले वित्तीय वर्ष में बिहार को 13 हजार करोड़ अधिक मिलेंगे।

{वित्त आयोग ने राज्यों की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से बढ़ा कर 42 प्रतिशत कर दिया है

{आपदा प्रबंधन के लिए केंद्र से 1386 करोड़ मिले

पॉलिटिकलरिपोर्टर | पटना

भाजपाविधानमंडल दल के नेता सुशील मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों को लेकर गलतबयानी कर रहे हैं। बिहार को इससे जबरदस्त फायदा होगा। नीतीश द्वारा केंद्र सरकार के ताजा फैसले की आलोचना करने की दो वजह हो सकती है। या तो वे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में नीतीश तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं, या फिर उन्होंने बिना पढ़े ही बयान दे दिया है। जैसे रेल बजट के मामले में किया था।

शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में सुमो ने प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि नीतीश के पास सिर्फ छह माह बचे हैं। इतने समय में वे कुछ काम तो कर नहीं पाएंगे, इसलिए केंद्र से लड़ते हुए वक्त बिता देना चाहते हैं। केंद्र ने देश में नए युग की शुरुआत की है। इसका बिहार जैसे पिछड़े राज्यों को विशेष फायदा होगा।