योग और सत्संग से मन पर नियंत्रण रखा संभव : आचार्य निरमोहानंद
आनंदमार्ग प्रचारक संघ के तत्वावधान में शहर के पतरातू बस्ती स्थित लक्ष्मण प्रजापति के आवास पर आयोजित तीन दिवसीय सेमिनार के दूसरे दिन भी हिमाचल प्रदेश से पधारे आचार्य निरमोहानंद ने प्रवचन दिए। उन्होंने आनंदमार्गियों से कहा कि मनुष्य क्षणिक सुख के लिए दुनिया में इधर-उधर भागते रहते हैं। विश्व विजयी होने के बाद भी जो मनुष्य अपने इंद्रियों को वश में नहीं कर सका, वह भयभीत होकर अपनी जिंदगी में रहेंगे। योग साधना और सत्संग से ही इंद्रियों को नियंत्रण में रखा जा सकता है।
प्रवचन के दौरान आचार्य निरमोहानंद ने आनंदमार्गियों के बीच योग आसन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। साधकों को व्यवहारिक जीवन में योग आसन के महत्व को बताया। दूसरे दिन के सेमिनार में आचार्य सुखदेवानंद जी अदभुत, आचार्य नंदाधिशानंद अवधूत, आचार्य संघाज्ञानंद अवधूत, आनंद सुनीति आचार्य, आनंद स्वस्ति आचार्य, वशी लक्षित आचार्य ने भी आनंदमार्गियों को सात्विक भोजन, योगासन, साधना, उचित आहार-विचार, परिवेश की जानकारी दी। सत्संग के बाद आनंदमार्गियों ने शहर में बाबा नाम केवलम के नारेबाजी के साथ शोभायात्रा भी निकाली। सेमिनार में मुख्य रूप से सुरेश प्रसाद कुशवाहा, भोला चौधरी, गोरांग राय, किशन शर्मा, सुनील अग्रवाल, कालीचरण, रामलड्डू पांडेय, कमलावती, रीता देवी, मंटू देवी, शिवकुमारी सहित कई आनंदमार्गी शामिल थे।
सेमिनार में शामिल आनंदमार्गी।