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सबकी खोज-खबर रखते हैं बिहारी बाबू

7 वर्ष पहले
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विजय सिंह की दाढ़ी बनाते बिहारी ठाकुर।

भास्कर न्यूज | रामगढ़

पीओसाहब बहुत गुस्सा रहे थे, ठेकेदार आरएन बाबू पर। कह रहे थे बहुत घटिया काम हुआ है। ब्लैक लिस्टेड हो जाइएगा। नीचे मार्केट में बलुवा के दुकान में सेंधमारी कर राते चोरी हो गया है। बिहारी ठाकुर जिस तेजी से ग्राहक का दाढ़ी बना रहे थे, उसी तेजी से समाचार भी सुनाए जा रहे थे। ग्राहक भी रुचि लेकर बिहारी से समाचार सुन रहे थे।

भुरकुंडा रीवर साइड निवासी 60 वर्षीय बिहारी ठाकुर 35 वर्षों से कोयलांचल में घूम-घूम कर हजामत बनाते हैं। भुरकुंडा, रीवर साइड का शायद ही कोई घर इनसे अछूता है। विधि-विधान के कामों में भी इनकी भागीदारी होती है। इनके पास पुख्ता स्थानीय समाचार का भंडार होता है।

जोसुनते हैं, सुना देते हैं

बिहारीठाकुर कहते हैं कि पहले गांव में अखबार थोड़े था। बाबूजी हजामत बनाने और शादी-विवाह करवाने गांव-कस्बा घूमते थे, हम भी बाबूजी के साथ जाते थे। सभी लोग बाबूजी से ही सर-समाचार पूछते थे। बाद में हम भुरकुंडा गए। यहां भी घूम-घूम कर हजामत बनाने लगे। गांव के ऐसा ही लोगों से संपर्क हो गया। दिनभर सौ घर घूमते हैं तो लोगों से हजार समाचार भी मिल जाता है। वही दूसरों काे सुना देते हैं। हंस कर कहते हैं बिहारी: हम कौनो पत्रकार से कम थोड़े हैं।

रेडिमेडमशीन किया है धंधा प्रभावित

बिहारीकहते हैं अब का जनरेशन तो घर में ही मशीन से दाढ़ी बना लेते हैं। बाल बनवाने पार्लर में जाते हैं। लगता है पुराने लोगों तक ही धंधा सीमित रहेगा। पहले की अपेक्षा कमाई भी कम गई है। पहले हर घर में हमें परिवार का हिस्सा माना जाता था, लेकिन अाज के युवा वर्ग के आंखों में पानी नहीं रहा है।

चलंतअखबार हैं बिहारी ठाकुर

भुरकुंडाकॉपरेटिव बैंक के रोकड़पाल विजय सिंह कहते हैं कि पिछले दस साल से बिहारी घर में आकर हजामत बनाता है। इस दौरान सुबह में स्थानीय खबर इससे प्राप्त हो जाती है, लोकल खबर जो अखबारों में नहीं मिलता वह बिहारी के द्वारा प्राप्त हो जाता है। पब्लिक रिलेशन समाचार का अाधार होता है और बिहारी का पब्लिक रिलेशन मजबूत है। सही मायने में चलंत अखबार है बिहारी।