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ध्यान, ज्ञान और आत्मविश्वास से जागृत होती है आत्मा : निर्मला

7 वर्ष पहले
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रामगढ़ | ब्रह्माकुमारीनिर्मला बहन ने कहा कि ध्यान, ज्ञान और आत्म विश्वास साधन से ही आत्मा जागृत होती है।

राजयोग ध्यान से विवेक, बुद्धि उत्पन्न होती है। इससे ही हम लोग वास्तविकता को समझते है। यह उत्पन्न होने से अंदर की ज्ञान ज्योति प्रज्वलित हो जाती है और अज्ञान अंधकार मिट जाता है। मनुष्यों को राजयोग ध्यान करना चाहिए। वे गुरुवार को अग्रसेन पथ के ब्रह्माकुमारी संस्थान में प्रवचन कर रही थी। उन्होंने कहा कि श्रद्धा ही आनंद का शिखर है। ध्यान के बाद श्रद्धा उत्पन्न करने का दूसरा साधन ज्ञान है। बिना परमपिता परमात्मा की पहचान के राजयोग साधा नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि अटल विश्वास भी प्रगति के लिए अति आवश्यक है। श्रद्धा मनुष्य को सुसंस्कृत, शालीन, संस्कारवान बनाती है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा को बढ़ाने के लिए सदैव सत्कर्म करना चाहिए। इसी से आत्म उन्नति संभव है।



रामगढ़ कैप्शन 11, प्रवचन करती ब्रह्मा कुमारी निर्मला बहन।