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बेबुनियाद हैं आरोप, किसी भी जांच को तैयार : डॉ. पांडेय

7 वर्ष पहले
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> प्राथमिकी दर्ज होने का सिविल सर्जन ने किया विरोध

>कहा सरासर अन्याय है गलत भुगतान का लगया गया आरोप

>सरकार से कोई भी ले सकता है ऑडिट रिपोर्ट

भास्करसंवाददाता | रांची

उपायुक्तद्वारा वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज करवाने का विरोध करते हुए सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार पांडेय ने कहा है कि उनपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। अबतक विभाग द्वारा जो भी शोकॉज किया गया है, उन्होंने समय पर उसका जवाब विभाग को भेजा है। डॉ. पांडेय ने दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए कहा कि उनपर जो भी गलत आरोप लगाया जा रहा है, उसकी जांच किसी भी एजेंसी से करवाने के लिए वे तैयार हैं।

वित्तीय अनियमितता के आरोप पर उन्होंने कहा कि लगभग दस दिन पहले ममता वाहन के भुगतान मामले में राज्य स्तरीय ऑडिट कराया गया है, जिसमें रामगढ़ को सही पाया गया। इसकी रिपोर्ट कोई भी सरकार से हासिल कर सकता है। ऐसे में गलत भुगतान का अारोप सरासर अन्याय है। अतिरिक्त वेतन निकासी के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा यदि कोई कार्रवाई की गई है, तो इसकी जानकारी उनको नहीं है।

घर में नर्स नहीं देने को बनाया इश्यू

डॉ.पांडेय ने कहा कि उपायुक्त महोदय द्वारा उनको लगातार मौखिक आदेश दिया जाता था कि प|ी की सेवा के लिए घर में दो सरकारी महिला नर्स भेजी जाए। चूंकि यह आदेश नियम संगत नहीं था और ही लिखित था, इस कारण उन्होंने 24 घंटे के लिए नर्स देने से इंकार कर दिया। उन्होंने इस मामले को 6 सितंबर को हुई झासा रामगढ़ की बैठक में उठाया था। इससे नाराज उपायुक्त उनसे व्यक्तिगत बदला ले कर प्राथमिकी दर्ज करवा रहे हैं।