पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • 22 करोड़ के प्रोजेक्ट से मार्च तक सबके घरों तक पहुंचेगा पानी

22 करोड़ के प्रोजेक्ट से मार्च तक सबके घरों तक पहुंचेगा पानी

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
17 करोड़ की राशि विभाग ने करा दी है उपलब्ध

रामगढ़में गर्मी की दस्तक के साथ ही पेयजल समस्या को दूर करने की दिशा में तैयारी शुरू कर दी गई है। शहर में पांच करोड़ 93 लाख की लागत से वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट के जरिए रेजिंग पाइप बिछाया जा रहा है। गर्मी से पहले वार्ड के लोगों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति की जा सके, इसकी तैयारी की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर कैंटोनमेंट बोर्ड रामगढ़ के अंतर्गत तीन वार्डों में फेज टू वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट को जल्द ही लागू करने की कवायद तेज कर दी गई है। बोर्ड ने वाटर सप्लाई के लिए 22 करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है।

इसके लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से 17 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है। जबकि, झारखंड सरकार का पेयजल एवं स्वच्छता विभाग भी करीब चार करोड़ की विभागीय योजना को लेकर प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है। ताकि, मार्च महीने में पेयजल आपूर्ति की फेज टू वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट का काम शुरू किया जा सके। बोर्ड और पेयजल विभाग की कागजी प्रक्रिया शुरू होने से, वाटर सप्लाई से वंचित वार्ड के लोगों में उम्मीद जगी है। बोर्ड की स्थापना के वर्ष 1941 से वार्ड संख्या एक, दो और सात के लोग वाटर सप्लाई का इंतजार कर रहे है।

लोगोंको प्रतिदिन मिलेगा 20 लाख लीटर पानी

कैंटोनमेंटबोर्ड के वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट के पूरा होने के साथ ही तीन वार्ड क्षेत्रों की बड़ी आबादी को 20 लाख लीटर प्रतिदिन पीने का पानी मिलेगा। इसके लिए वार्ड संख्या 01, 02 और 07 में वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट के तहत एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाई जाएगी। वहीं,पूरे क्षेत्र में मेन पाइप बिछाई जाएगी। जबकि, तीन बड़े जलमीनार बनाए जाएंगे। इसके अलावा घरों तक पानी पहुंचाने के लिए गली मुहल्लों में सप्लाई वाटर की पाइप बिछाई जाएगी। बताया गया कि इस प्रोजेक्ट के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और जलमीनार निर्माण के लिए पर्याप्त मात्रा में जमीन उपलब्ध है।

बिछाने के लिए रखे गए वाटर सप्लाई पाइप।

शहरी क्षेत्र की बड़ी आबादी की आस वाटर टैंकर से जुड़ी हुई है। गर्मी में टैंकरों से मुहल्लों और टोलों में पानी पहुंचाई जाती है। वंचित वार्डों में भी टैंकरों से पेयजल पहुंचाई जाती है। गर्मी में सात टैंकर और टेंपो से प्रतिदिन दो लाख लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। इन इलाकों में गर्मी महीने में पानी की परेशानी होती है। दूसरी ओर हैंडपंप पानी पर अधिकतर लोग निर्भर है। पानी के लिए हैंडपंप और सप्लाई वाटर पोस्ट में बर्तनों की लाइन लगी रहती है। रात से ही पानी के जुगाड़ में लोग लगे रहते है। दूसरी ओर शादी और अन्य कार्यक्रम के लिए भी बोर्ड से टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जाता है।

कैंटोनमेंट बोर्ड के 1941 में स्थापित होने के बाद से ही, बोर्ड अंतर्गत वार्ड संख्या 01, 02 और 07 के लोग पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का इंतजार कर रहे है। इसमें, वार्ड संख्या एक और दो का इलाका शहर के दामोदर नदी की दूसरी ओर है। जबकि हरहरी नाला के पार, यानि रामगढ़- भुरकुंडा मार्ग पर वार्ड संख्या सात का इलाका है। लेकिन, इन क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को लेकर बोर्ड की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए है। इस बार भी वाटर स्कीम के फेज टू के तहत करीब करोड़ों की योजना तैयार की गई है।

शहर के गढ़बांध िस्थत वाटर ट्रीटमंेट प्लांट।

^नियमित पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त होगी। इसके लिए रेजिंग वाटर पाइप बिछाई जा रही है। वहीं, नए वाटर मोटर पंप लगाए जाएंगे। जबकि, जल्द जनरेटर की खरीदारी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। ताकि, गर्मी में लोगों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति की जा सके।\\\'\\\' संजीतसिंह, उपाध्यक्ष,कैंटोनमेंट बोर्ड रामगढ़।

^रामगढ़ कैंटोनमेंट बोर्ड की फेज टू वाटर प्रोजेक्ट के लिए पेयजल मंत्रालय से करीब चार करोड़ की विभागीय चार्ज को लेकर जल्द ही निर्णय लेकर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मंत्रालय की बैठक में प्रस्ताव को लाया गया है। इस महीने में कागजी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।’’ चंद्रप्रकाशचौधरी, मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता झारखंड सरकार।

वार्ड संख्या 01 में वाटर सप्लाई पाइल नहीं बिछाए जाने से शास्त्री नगर, महतो टोला, पलामू कॉलोनी, इंदिरा नगर, रांची रोड आसपास क्षेत्र के लोगों को पानी नहीं मिल रही है। जबकि वार्ड 02 की नई सराय की बड़ी आबादी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था से वंचित है। वहीं, वार्ड 07 के छोटकाकाना, कटेलियाबेड़ा, पोचरा, कैराविहार, बुजुर्ग जमीरा कुछ बरकाकाना के हिस्से के लोग पाने के लिए आस लगाए हुए है।

गढ़बांध एरिया

एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण

दो लाख लीटर प्रतिदिन

वार्डों में पेयजल आपूर्ति क्षमता

वार्ड एक, दो और सात।

तीन वंचित वार्डों में बिछेगा पाइप

रांची रोड, नईसराय और पोचरा।

तीन बड़े जलमीनार का निर्माण

खर्च 22 करोड़।

प्रोजेक्ट

खबरें और भी हैं...