रामविलास तांती टिपा दास थे सहोदर भाई
मंडलकारा से फरार होने के क्रम में जेल गार्ड की गोली से मारा गया राम विलास तांती जमुई का भाकपा माओवादियों का प्लाटून कमांडर था। वहीं टिपादास उर्फ उमरेश दास उर्फ संजय उर्फ रोशन पातरो सारंडा का प्लाटून कमांडर था। दोनों ही सहोदर भाई थे और सारंडा के गुवा थानांतर्गत हतनाबुरू गांव के रहने वाले थे। राम विलास तांती बड़ा था, जबकि टिपा दास उससे छोटा था। राम विलास तांती को पिछले साल जमुई से गिरफ्तार कर मंडल कारा लाया गया था, जबकि टिपा दास को इसी साल 15 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उसके साथ पांच अन्य हार्डकोर नक्सलियों को भी गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान टिपा दास के साथ विक्रम तुरी उर्फ चंदन तुरी, उर्फ अनिल तुरी उर्फ मुन्ना उर्फ संजय उर्फ मानुएल उर्फ मंटू उर्फ कुंदन उर्फ अमन उर्फ सुशील, रामवीर पातरो उर्फ रणवीर उर्फ सोमराय पातरो उर्फ गाेईंदा मुंडा, वीर सिंह केराई, जगदीश कुमार दास उर्फ साहिल नारायण पातरो को भी गिरफ्तार किया गया था।
मंडलकारा में भागने के दौरान पुलिस की गोली से मारे गए दो सहोदर भाई के शव को लेने बुधवार को उनके परिजन शाम साढंे सात बजे सदर अस्पताल पहुंचे। मारे गए मृतक राम विलास तांती टीपा दास के पिता रामचंद्र तांती उसका सबसे छोटा पुत्र मंगल तांती समेत दो तीन ग्रामीण आए बुधवार को सदर अस्पताल में मेडिकल बोर्ड बनाकर दोनों के शव का पोस्टमार्टम किया। जिसे पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों के आने के इंतजार में सुरक्षित रखा गया था।
शव लेने के दैारान रामचंद्र तांती ने बताया कि छोटानागरा पुलिस के द्वारा बुधवार को लगभग 12 बजे बेटे के मारे जाने की सूचना दी। जिसके बाद कुछ ग्रामीणों को साथ लेकर रामचंद्र चाईबासा पहुंचे। उन्होंने बताया कि रामविलास नक्सली संगठन से जुड़े होने की सूचना नहीं थी घरवालों को सिर्फ यह जानकारी थी कि वह कही बाहर नौकरी करने गया है। दो वर्षो से अधिक समय से वह घर से बाहर ही था। अपने मझले बेटे टीपा दास के बारे में रामचंद्र ने बताया कि वह पिछले दो तीन माह पहले से ही जेल में रह रहा था।
दोनों बेटों के शव को लेकर लौटे पिता
की गोली से मारा गया राम विलास तांती जमुई
हाउस में ही रखा है शव
मारेगए दोनों भाइयों के शव का मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सदर अस्पताल में पोस्टमार्ट किया गया। इसके लिए चार डाॅक्टरों की टीम बनाई गई थी। इनमें सदर अस्पताल के डाॅक्टर बीके सिं