कारनामेपुर के सोनवर्षा बाजार की घटना, मुखिया समेत दो घायल
गाड़ी रोककर बात कर रहे थे तभी हमलावरों ने बरसाईं गोलियां
सारण में भी भाजपा नेता की हत्या
भाजपा के टिकट पर िवशेश्वर ओझा ने लड़ा था चुनाव
आक्रोशित भाजपा समर्थकों का हंगामा, पुलिस से नोकझोंक
आरा में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष को भून डाला
तरैया | बहनके घर से लौट रहे भाजपा नेता व्यवसायी केदार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना गुरुवार रात की है। इसको लेकर मृतक की प|ी ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। शुक्रवार को एसपी सत्यवीर सिंह ने मौके पर पहुंच घटना की जांच की। शुरू में ऐसा लगा कि वे सड़क दुर्घटना में घायल हुए हैं। जांच के बाद यह बात सामने आई कि दुर्घटना में नहीं बल्कि अपराधियों ने उन्हें गोली मारी है। गोली के साथ उनके शरीर पर चाकू के भी निशान मिले हैं। घटनास्थल से पुलिस ने दो खोखे भी बरामद किए हैं।
बिहार चुनाव के समय आए नरेंद्र मोदी काा स्वागत करते विशेश्वर ओझा। (फाइल फोटो)
45 साल के भाजपा नेता विशेश्वर ओझा कारनामेपुर ओपी के ओझवलिया गांव निवासी स्व. राजकिशोर ओझा के पुत्र थे। शुक्रवार की शाम वे एक शादी समारोह में भाग लेकर उजले रंग के सफारी से लौट रहे थे। उनके साथ बक्सर जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड की देकुली पंचायत के मुखिया कमलदेव ओझा भी थे। विशेश्वर सोनवर्षा बाजार के पास गाड़ी रोककर कुछ लोगों से बात कर रहे थे। उसी दौरान अचानक बीस की संख्या में रहे हथियारबंद अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी विशेश्वर को गोलियों से छलनी कर दिया गया।
जबकि मुखिया चालक निर्मल जख्मी हो गए।
क्राइम रिपोर्टर | आरा/शाहपुर
हथियारोंसे लैस अपराधियों ने शुक्रवार की शाम भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा को गोलियों से भून दिया। उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हमले में बक्सर जिले के मुखिया समेत भाजपा नेता के गाड़ी का चालक घायल हो गया। उन्हें शाहपुर रेफर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भाजपा नेता को 10 से 11 गोलियां लगने की बात रही है। हत्या के बाद भाजपा समर्थकों ने जमकर हंगामा किया।
यह सनसनीखेज वारदात शाम करीब छह बजे शाहपुर थाना के कारनामेपुर ओपी के सोनवर्षा गांव के बाजार के पास हुई। हमलावर बीस की संख्या में थे। वारदात को अंजाम देकर भाग निकलने में सफल रहे। मारे गए विशेश्वर ओझा बीते विधानसभा चुनाव में शाहपुर सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव भी लड़े थे। हालांकि, वे हार गए थे। घटना को शाहपुर इलाके में वर्षों से चली रही वर्चस्व की लड़ाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इधर, हत्या की घटना को लेकर देर शाम शाहपुर रेफरल अस्पताल के पास आक्रोशित भाजपा समर्थकों ने काफी हंगामा भी किया। आक्रोशित भाजपाई शव को उठने नहीं दे रहे थे। इस दौरान भाजपा समर्थकों पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। समाचार लिखे जाने तक मारे गए भाजपा नेता का शव शाहपुर अस्पताल में ही रखा हुआ था। वहां सैकड़ों की संख्या में भीड़ जमा थी। एसपी नवीन चन्द्र झा समेत कई वरीय पदाधिकारी वहां पहुंचकर कैंप कर रहे थे। पूरा शाहपुर बाजार पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है।