पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पहले मांगी मोहलत, फिर बयान देने को योगेंद्र तैयार

पहले मांगी मोहलत, फिर बयान देने को योगेंद्र तैयार

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
योगेंद्र साव का भाई गिरफ्तार, साला फरार

उग्रवादीसंगठन झारखंड टाइगर ग्रुप से संबंधों के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव के भाई पवन साहू को गिरफ्तार कर लिया। पवन को मार्खम कॉलेज के निकट आवास से दिन के 11 बजे गिरफ्तार किया गया। फिलहाल उसे एसपी कोठी में रख गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरी कार्रवाई में काफी गोपनीयता बरत रही है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में पवन ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। डीएसपी एचएल रवि ने बताया कि पुलिस की विशेष टीम इस मामले में योगेंद्र साव के अन्य आरोपी रिश्तेदारों की गिरफ्तारी के लिए छापमारी कर रही है। उनके भाई धीरेंद्र साव और साला मुकेश साव के ठिकानों पर छापा मारा गया, लेकिन दोनों फरार मिले।

टाइगर ग्रुप के सरगना राजकुमार गुप्ता और उसके साथी संदीप साव को पुलिस ने सोमवार को जेपी केंद्रीय कारा भेज दिया। इन दोनों को पुलिस ने दोबारा रिमांड पर लिया था। एसपी के अनुसार, राजकुमार और संदीप ने पूछताछ के दौरान कोई नई जानकारी नहीं दी।

सरगना राजकुमार और संदीप जेल भेजे गए

योगेंद्र साव के करीबी और केरेडारी थाना क्षेत्र के एक कांड में गिरफ्तार हुए राजू साव को भी रिमांड पर लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके लिए केरेडारी थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने कोर्ट में अर्जी दे दी है।

राजू साव के लिए कोर्ट में अर्जी

टाइगर ग्रुप के सरगना राजकुमार गुप्ता के स्वीकारोक्ति बयान में झारखंड बचाओ आंदोलन की संलिप्तता उजागर होने के बाद इसके चार सदस्यों को पुलिस रिमांड पर लेगी। इसकी तैयारी की जा चुकी है। ये चार सदस्य इस समय मोहन साव, राजेंद्र उरांव, रमण उरांव और कृष्णा साव लातेहार जेल में बंद हैं। पुलिस बालूमाथ थाना में जब्त मोहन साव के मोबाइल को भी खंगालने वाली है।

झारखंड बचाओ आंदोलन के 4 लोग लिए जाएंगे रिमांड पर

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव से पुलिस सोमवार की सुबह पूछताछ करने वाली थी। सवालों की सूची भी तैयार कर ली गई थी। इसी बीच पुलिस को योगेंद्र का अनुरोध पत्र मिला, जिसमें कहा गया कि रविवार को नाेटिस मिलने के पूर्व ही उनका कार्यक्रम तय था। वह इस समय रांची में हैं। इसलिए तय समय पर वे उपस्थित नहीं हो सकेंगे। उन्हें उपस्थित होने के लिए आठ दिनों का समय दिया जाए। इधर, पुलिस ने जब उनके चचेरे भाई पवन साहू को गिरफ्तार किया,