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- ...और फिर स्वास्थ्य विभाग से छले गए सरिया वासी
...और फिर स्वास्थ्य विभाग से छले गए सरिया वासी
सरियावासी एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग के आश्वासनों से छले गये। इससे लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। विदित हो कि डेढ़ लाख से अधिक की आबादी वाले सरिया प्रखण्ड में स्वास्थ्य सुविधाएं एकदम लचर है।
यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं, पर नियमित रुप से चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं है। एक यूनानी चिकित्सक डाॅ हैदर गनी के भरोसे यह अस्पताल चल रहा है। जबकि नियमित एक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कम-से-कम चार चिकित्सकों की नियुक्ति हेानी चाहिए। लेकिन मात्र एक यूनानी चिकित्सक है। वह भी सप्ताह के 06 दिन ही यहां नियुक्त हैं। वे सिर्फ सुबह नौ बजे शाम चार बजे तक हीं रहते हैं। इसके बाद अस्पताल परिसर में सन्नाटा पसरा रहता है। लोगों को इमरजेन्सी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी अन्यत्र जाना पड़ता है। सुरक्षित प्रसव के लिए भी यहां कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इसे लेकर कई राजनीतिक समाजिक संगठन के लोगों ने समय-समय पर आंदोलन किया। पर विभाग आश्वासन देते रहे हैं। लेकिन आज तक कुछ नहीं मिला है। 30 जनवरी 2015 से सुधार तथा सरिया अस्पताल में नियमित चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग को लेकर समाजसेवी प्रकाश प्रसाद प्रखण्ड-सह-अनुमंडल मुख्यालय में अनिश्वचितकालीन अनशन पर बैठे हैं। इस अनशन को पूर्व विधायक विनोद कुमार, प्रमुख कुमुद जैन समेत कई राजनीतिक दलों का भी सहयोग मिला। पर अनशन के तीसरे दिन ही गिरिडीह सीएस सिद्धार्थ सन्याल अनशन स्थल पहुंचे और एकबार फिर उन्होंने दो चिकित्सकों डाॅ कमलेश कुमार और डाॅ इन्द्रजीत प्रसाद की नियुक्ति तत्काल किए जाने का आश्वासन देकर अनशन तुड़वाया। पर एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी उन चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो पाई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरिया
80 के दशक में विकसित था अस्पताल
ज्ञातहो कि 80-90 की दशक में सरिया में स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत विकसित थी। यहां पर हमेशा स्वास्थ्य सुविधाएं और चिकित्सक मौजूद रहते थे। आपरेशन थियेटर, पोस्टमार्टम हाऊस रोगियों के बेहतर ईलाज के लिए सारी सुविधाएं उपलब्ध थी। पर समय बीतने के साथ विकास होने के बदले यहां की स्थिति और बदतर हो गई। पूराने अस्पताल भवन की स्थिति भी जर्जर हो गई। अस्पताल के लिए करोड़ों की लागत से भवन का निर्माण कार्य 2005 में शुरु की गई। पर अनियमितताओं की शिकायत पर यहां पहुंचे तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ने इस पर रोक लगा दिया था।
क्या कहते हैं पूर्व विधायक
इसबावत पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने कहा कि सरिया अस्पताल की उपेक्षा किया जाना सराकार विभाग की अकर्मण्यता को दर्शाता है। इसे लेकर शीघ्र ही चरणबद्ध आंदोलन की रुपरेखा तय कर आंदोलन किया जाएगा। वहीं झाविमो नेता राजेश मंडल, भाजपा नेता नंदकिशोर वर्णवाल, आजसू नेता लखन मेहता आदि ने भी विभाग के इस रवैये की निंदा करते हुए शीघ्र ही चिकित्सकों की नियुक्ति तथा अस्पताल परिसर में फैली गंदगी को हटाने की मांग की है। विभाग का पक्ष लेने के लिए सिविल सर्जन सिद्धार्थ कुमार सन्याल से दूरभाष सम्पर्क का प्रयास किया गया तो फोन बंद मिला।