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सड़क पर मानो खून का लेप चढ़ा दिया

5 वर्ष पहले
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बगोदर के चर्चित अमीन ने दामाद, बेटा पोता खोया

छोटे-छोटे बच्चों की चीत्कार और मांओं की चीख सेे गूंज उठा संतुरपी

हादसे से निपटने के लिए तत्पर नहीं रहती पुलिस इसमार्ग पर प्रतिदिन करीब 15 से 18 हजार बड़ी गाड़ियां गुजरती है। घटना से निपटने में इन थानों की पुलिस निष्क्रिय हो जाती है काम की अधिकता और पुलिस की कमी है।

विस में उठ चुकी है आवाज एनएचटू पर लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए हादसे के शिकार लोगों की जान बचाने के लिए तत्कालीन बगोदर विधायक बिनोद सिंह ने एनएच पर ट्रामा सेंटर खोलने की मांग की थी।

ट्रामा सेंटर नहीं होने से जा चुकी हंै कई जान

बगोदर-बरहीजीटी रोड सीमा पर स्थित उमवि गेडा में रविवार को सरस्वती पूजनोत्सव माहौल में उस समय फीकापन गया जब प्रतिमा विसर्जन को निकले छात्रों के जुलूस पर एक अनियंत्रित कंटेनर धमका। करीब दर्जन भर बच्चों अभिभावकों की चीत्कार कुछ ही देर में वीरानी में तब्दील हो गई। घटना स्थल के दृश्य और वहां छितराए खून के छींटे को देख कर किसी भी इंसान के स्वत: रोंगटे खड़े हो जाएं। जीटी रोड का दृश्य ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वसंत पंचमी के अवसर पर उत्साह में खेले जाने वाले अबीर गुलाल की जगह प्रकृति ने खूनी खेल में बदल दी हो। सड़क पर पड़े मांस के चिथड़े और लहूलुहान दृश्य कमजोर दिल वालों के लिए देख पाना संभव नहीं हो पाता। संभवत: अनियंत्रित वाहन विसर्जन जुलूस को रौंदते हुए निकल गया हो। घटना स्थल पर ही मां शारदे की प्रतिमा रखी थी। दृश्य देख ऐसा जान पड़ता है कि मां भी आस्था प्रेमियों के वियोग में क्रंदन कर रही हो। उनके पैर के सामने रक्त रंजित खून को देखने के बाद प्रतीत होता है कि किसी दुर्दांत ने सड़क पर खून का लेप लगा दिया हो। घटना के बाद वीभत्स दृश्य को देखने आई कुछ अधेड़ उम्र की महिलाएं वहां बह रहे कोमल बच्चों के खून के प्रवाह को कातर नजरों से निहार रही हैं। ऐसा जान पड़ता है कि अकल्पनीय दृश्य को देख उन महिलाओं के आंखों के आंसू भी पूरी तरह से सूख चुके हों। बहुतों को यह आभास भी नहीं हो रहा था कि वसंत पंचमी उत्सव खूनी उत्सव में परिणत हो जाएगा।

ग्रामीणों से बात करते पदाधिकारी।

रोते-बिलखते परिजन।

धनबाद के पीएमसीएच में बेटे की मौत पर बिलखती मां इनसेट में कंटेनर।

संतुरपी गांव निवासी सह बगोदर विष्णुगढ़ के चर्चित अमीन हरिनारायण मोदी ने इस हादसे में बेटा-पोता दोनों को खो दिया है। बेटा संजय मोदी पोता गौतम मोदी उसी जुलूस में शामिल था। जहां कातिल कंटेनर के शिकार हो गए। इस परिवार के ऊपर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।

क्या कहते हैं पूर्व विधायक

एनएचपर प्रत्येक 50 किलोमीटर की दूरी पर न्यूनतम एक ट्रामा सेंटर का प्रावधान है। जहां से सड़क हादसों में जख्मी लोगों को प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज के लिए भेजी जा सके। ट्रामा सेंटर के लिए विधानसभा में आवाज उठाई गई। लेकिन अबतक इसपर एनएच की ओर से पहल शून्य रहा है।

गिरिडीह जिले में निमियाघाट थाना क्षेत्र से लेकर बगोदर थाना क्षेत्र के जिले की सीमा पर बरही तक करीब 60 किलोमीटर की दूरी तक लगातार सड़क हादसे होते रहते हैं। इन घटनाओं में औसतन प्रतिमाह करीब पांच से 10 लोगों की मौत एनएच टू पर सड़क हादसे में हो रही है। लगातार आक्रोशित लोग सड़क जाम करते हैं। मुआवजे के लिए प्रशासन पर दबाव बनाते हैं।

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