- Hindi News
- National
- ग्रामीणों की मांग क्रशर हटाए प्रशासन, डस्ट से ग्रामीण मवेशी हो रहे बीमार
ग्रामीणों की मांग-क्रशर हटाए प्रशासन, डस्ट से ग्रामीण मवेशी हो रहे बीमार
तोरपाके पतरायुर समेत कई गांवों के ग्रामीण पतरायुर पहाड़ पर संचालित चार क्रशरों को बंद करने की मांग को लेकर बुधवार को क्रशर के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों की बैठक ग्राम प्रधान सुकनू भेंगरा की अध्यक्षता में हुई। लोगों ने कहा कि गांव के निकट क्रशरों का संचालन होने से पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। आसपास के गांवों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि क्रशर से निकलने वाले डस्ट के कारण खेतों की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। घास जहरीली होती जा रही है। मवेशी घास खाकर बीमार पड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया है, लेकिन कोई कार्रवाई अब तक नहीं की गई।
सहायक खनन पदाधिकारी नंददेव बैठा ने कहा कि पतरायुर में किसी क्रशर का संचालन अवैध नहीं है। क्रशर संचालक सभी आहर्ताएं पूरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र सहित जरूरी कागजात क्रशर संचालकों ने जमा किए हैं। इसमें कहीं भी कोई आपत्ति नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण किस बात को लेकर विरोध कर रहे हैं, नहीं मालूम है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण विभाग ने भी अनापत्ति पत्र दे दिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्रशर स्थापित करने से पूर्व ग्रामसभा की अनुमति नहीं ली गई है, जबकि यहां पेसा कानून लागू है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक क्रशरों को बंद नहीं किया जाता तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। ग्राम प्रधान सुकनू भेंगरा ने कहा कि पहाड़ाें पर क्रशर अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। क्रशर स्थापित करने की अनुमति ग्रामसभा से नहीं ली गई है। बावजूद क्रशर संचालक अपनी पहुंच के बल पर क्रशर संचालित कर रहे हैं। इसके खिलाफ ग्रामीण एकजुट होंगे।
तोरपा के पतरायुर समेत कई गांवों के ग्रामीणों ने क्रशर हटाने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन।