- Hindi News
- कोल ब्लॉक निजीकरण के प्रस्ताव का कई स्थानों पर विरोध
कोल ब्लॉक निजीकरण के प्रस्ताव का कई स्थानों पर विरोध
नेशनलकोल आर्गेनाइजेशन इंप्लाइज एसोसिएशन (एनसीओईए) ने गुरुवार को सयाल परियोजना की भूमिगत खदान संख्या दस और बिरसा परियोजना कोल डिपो के समक्ष पीट मीटिंग की गई। केंद्र सरकार कोयला कानून में संशोधन का बिल लोकसभा और राज्यसभा में पेश करने जा रही है। इसके विरोध में पीट मीटिंग की गई। बिरसा परियोजना कोल डिपो के समक्ष पीट मीटिंग को संबोधित करते हुए एनसीओईए के जोनल सचिव प्रभुदयाल सिंह ने कहा कि कोयला कानून में संशोधन के लिए पेश किया जा रहा बिल मजदूर विरोधी है। एनसीओईए मजदूरों के हक अधिकार के लिए शुरू से लड़ता रहा है और आगे भी लड़ते रहेगा। इसके लिए सभी मजदूरों को एकत्रित रहना होगा। पीट मीटिंग को भगवान दास, रवींद्र कुमार विश्वकर्मा आदि ने भी संबोधित किया।
पीट मीटिंग की अध्यक्षता और संचालन अशोक कुमार वशिष्ट ने किया। मौके पर परीक्षा सिंह, नबी रसूल अहमद, अरविंद कुमार, संजय कुमार, प्रहलाद रविदास, परवेज अख्तर खान, शौकत मियां सहित एनसीओईए के कई लोग मौजूद थे। वहीं, सयाल परियोजना की भूमिगत खान संख्या दस के समक्ष पीट मीटिंग को संबोधित करते हुए एनसीओईए के सयाल शाखा सचिव बासुदेव साव ने कहा कि केंद्र सरकार एक साजिश के तहत कोल इंडिया को निजीकरण करने जा रही है। यदि निजीकरण हुआ तो कोयला मजदूरों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि एनसीओईए पूरे देशभर में काला बिल्ला लगाकर इसका विरोध जताया है। मौके पर असीमधर, गयाप्रसाद, प्रभु कुमार पासवान, लक्ष्मण मांझी, रोशन कुमार समेत कई लोग मौजूद थे।
फोटो12 पीट मीटिंग को संबोधित करते प्रभुदयाल सिंह