चावल के अभाव में बंद है एमडीएम : बीईईओ
एमडीएम की खिचड़ी का डेग उतारने में छात्र झुलसा
बीईईओवीरेंद्र दास ने शनिवार को कई स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान चावल के अभाव में नौ सितंबर से इन स्कूलों में एमडीएम बंद रहने की जानकारी मिली है। इसे उन्होंने गंभीरता से लिया है।
उन्होंने कहा कि गोदाम में चावल की कमी इसका कारण बना है। इस संबंध में पूछताछ करने पर गोदाम प्रबंधक ने 16 सितंबर को चावल उपलब्ध करा देने की जानकारी दी है। बहरपुरा हेमजा समेत अन्य कई स्कूलों का निरीक्षण कर इस समस्या की जानकारी प्राप्त की है। ईंटवा स्कूल की जांच में एमडीएम समेत सभी बिंदुओं पर संतोष व्यक्त किया है।
15सितंबर को हर हाल में पुस्तकों का उठाव करें : बीइइओने बताया कि ईंटवा स्थित बीआरसी में वर्ग चार की पुस्तकें आपूर्ति हो गई है। कई स्कूल के प्रभारियों ने पुस्तकों का उठाव कर लिया है। जिन स्कूल के प्रभारियों ने पुस्तकों का उठाव नहीं किया है, उन्हें 15 सितंबर को हर हाल में पुस्तकों का उठाव कर लेने की हिदायत दी गई है।
साथ जिन स्कूलों में चावल राशि उपलब्ध हो, उनमें नए मेनू के अनुसार ही बच्चों को एमडीएम परोसने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि जांच में दायित्व के प्रति लापरवाह पाए जाने पर संबंधित प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
विश्रामपुर. बीआरसीअंतर्गत राजकीय उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय कमता में सातवीं का छात्र संजय विश्वकर्मा (11 वर्ष) शनिवार को एमडीएम की खिचड़ी का डेग उतारने के क्रम में उसी में गिर जाने से काफी जल गया। बाद में घायल हुए छात्र को पास के शंखा ग्राम में ग्रामीण चिकित्सक से इलाज कराया गया। जानकारी के मुताबिक स्कूली छात्र से भोजन का डेग उतरवाया जा रहा था। काफी वजन होने से छात्र संजय कुमार विश्वकर्मा असंतुलन खो बैठा। इससे खौलता गर्म खिचड़ी से उसका गला, हाथ का हिस्सा काफी झुलस गया है। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे सीआरपी अखिलेश कुमार विश्वकर्मा ने स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद विद्यालय के हेडमास्टर सुरेंद्र तिवारी को काफी फटकार लगाई। साथ ही आगे स्कूली बच्चों को एमडीएम बनाने के किसी कार्य में काम नहीं लेने की की चेतावनी दी। सीआरपी ने हेडमास्टर की लापरवाही बताई है।