विश्रामपुर में दस दिनों से नहीं खुला एसएफसी गोदाम का बंद ताला
{50 स्कूलों में चावल बिना एमडीएम बंद
{तीन माह से राशन नहीं मिलने से हाहाकार
भास्करन्यूज | विश्रामपुर
राज्यखाद्य निगम का स्थानीय गोदाम का दस दिन पहले खाद्यान्न की काला बाजारी से स्कूलों की समस्याएं बढ़ गई हैं। इससे लगभग एक हजार बच्चों के निवाले पर ग्रहण लगा है। गोदाम सील होने पर अब तक निर्णय नहीं लिए जाने से 50 से अधिक सरकारी स्कूलों की परेशानी बढ़ गई है। नवप्राथमिक विद्यालय तथा सर्वशिक्षा अभियान द्वारा संचालित स्कूलों में चावल की कमी से मिड-डे मिल बंद होने के कगार पर हैं। इस मामले की जानकारी पहले ही बीईईओ सुनेश्वर चौधरी ने दी है। इधर गाेदाम से खाद्यान्न के समय पर उठाव के लिए उपलब्ध नहीं होने और डोर स्टेप डिलिवरी सिस्टम पूरी तरह फेल हो जाने से नवंबर माह से अंचल के 30 हजार से अधिक राशनकार्डधारी जनसाधारण को सस्तीदर पर मिलने वाला चावल गेंहूं नहीं मिल पा रहा है। इससे लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। जबकि जिला प्रशासन खाद्यआपूर्ति विभाग इस पर चुप्पी साधे हुए है। यहां के लिए खाद्यान्न लदे ट्रकों को वापस चैनपुर भेज दिया गया है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी के लकड़ा सदर एसडीएम अरुण कुमार एक्का ने बताया कि खाद्यान्न की स्टॉक जांचकर डीसी के श्रीनिवासन को विगत शनिवार को समर्पित कर दिया गया है। इसके बाद उपायुक्त के निर्देश मिलने पर ही खाद्य गोदाम पुन: खुल सकेगा।
इधर करीब सौ जनवितरण दुकानदार स्कूलों के विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष सचिव खाद्यान्न लेने के लिए परमिट लेकर रोज स्थानीय एसएफसी के सील गोदाम के खुलने की अास में चक्कर लगाकर परेशान हैं। नावाबाजार के अनुज राम ने दो दिनों के भीतर खाद्य गोदाम का खोलने की मांग की है वही जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमार चौबे ने कहा कि गरीबो हक मारने वाले कालाबाजारी करने वालों को नहीं बक्सा जाएगा। तथा दो एजीएम एवं एमओ को अगर जिला प्रशासन कार्रवाई नहीं करेगी तो कांग्रेस पार्टी इसे लेकर सड़क पर उतरेगी।