रांची. चौथे चरण के चुनाव में 80 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं। 15 विधानसभा सीट के लिए होनेवाले चुनाव में 217 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें 56 प्रत्याशियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। उन पर हत्या के प्रयास, अपहरण आदि के मामले हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म की रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। रिपोर्ट का आधार प्रत्याशियों का शपथ पत्र है। इसमें कई प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जो मंत्री रह चुके हैं। उनके खिलाफ हत्या का मामला चल रहा है। हत्या के आरोपी भी चुनाव मैदान में हैं।
सर्वाधिक झामुमो प्रत्याशी हैं आरोपी : चौथे चरण में पार्टी के अनुसार सबसे अधिक आपराधिक मामलों में झामुमो के 15 प्रत्याशी हैं। जबकि जेवीएम के 11 और बीजेपी के नौ और निर्दलीय 11 प्रत्याशी आरोपी हैं। वहीं गंभीर आपराधिक मामलों में बीजेपी और झामुमो के छह-छह प्रत्याशी, जेवीएम के आठ, कांग्रेस के चार व निर्दलीय नौ प्रत्याशी शामिल हैं।
पांच प्रत्याशी पर हत्या का है आरोप
पांच प्रत्याशियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज है। इसमें धनबाद विधानसभा सीट के प्रत्याशी मन्नान मल्लिक, झरिया विधानसभा सीट से योगेंद्र यादव, अजय सिंह (निर्दलीय) और नीरज सिंह शामिल हैं। इसके अलावा डुमरी विधानसभा सीट से माओवादी समन्वय के महावीर प्रसाद पर भी हत्या के मामले चल रहे हैं।
हत्या के प्रयास के 26 आरोपी मैदान में
चौथे चरण में 26 प्रत्याशियों के खिलाफ हत्या के प्रयास के मामले चल रहे हैं। इसमें सात निर्दलीय प्रत्याशी हैं। जबकि बीजेपी और जेवीएम (पी) के तीन-तीन, बीएसपी के दो, झामुमो के दो, कांग्रेस के दो और एमसीसी के तीन प्रत्याशियों के खिलाफ हत्या के प्रयास से जुड़े मामले पर सुनवाई चल रही है।
महिलाओं को प्रताड़ित करने के मामले छह पर
मैदान में छह प्रत्याशियों के खिलाफ महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और उसे अपमानित करने के आरोप लगे हैं। इसमें सिंदरी से बीएसपी प्रत्याशी गौतम कुमार मंडल, बाघमारा से सीपीआईएमएल के बलदेव वर्मा, देवघर विधानसभा सीट से बजरंगी महथा (निर्दलीय), वहीं बोकारो से एआईएफबी प्रत्याशी एनुल हक अंसारी पर पत्नी को प्रताड़ित करने का आरोप है। धनबाद से वीरू आनंद सिंह (निर्दलीय) तथा डुमरी से जेवीएम प्रत्याशी प्रदीप कुमार साहू पर भी मामला चल रहा है।
अपहरण के आरोपी भी हैं प्रत्याशी
मधुपुर से कांग्रेस प्रत्याशी फैयाज कैसर और डुमरी से एमसीसी प्रत्याशी महावीर प्रसाद पर अपहरण के मामले चल रहे हैं।
गंभीर प्रकृति के अपराध
इस श्रेणी में वैसे अपराध हैं, जिसमें पांच वर्ष की सश्रम कारावास की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा हत्या, अपहरण, दुष्कर्म, लोक प्रतिनिधत्व अधिनियम से जुड़े मामले और महिला के खिलाफ अपराध शामिल हैं।