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डाउनलोड करेंरांची. बागुन सुम्ब्रई 1967 से 5 बार झारखंड के चाईबासा से सांसद और 4 बार विधायक रहे। आज भी वे दो कमरों के घर में रहते हैं। 94 साल के बागुन की झारखंड-बिहार से दिल्ली तक दो खास पहचान है। पहला, सर्दी हो गर्मी हो या बरसात; वे एक धोती लपेटकर ही रहते हैं। दूसरा, बताया जाता है कि उन्होंने 58 शादियां की हैं। अब आलम ये है कि कई बीवियों के नाम तक भूल चुके हैं। 75 साल पहले हुई पहली शादी...
- 1942 में उनकी पहली हुई थी और अब उनके कई बेटे-बेटियां और पोते-पोतियां हैं। उन्होंने करीब दो दर्जन से ज्यादा शादियां कीं, लेकिन किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
- बता दें कि आदिवासी समुदाय में एक से ज्यादा पत्नियां रखने पर कोई रोक नहीं है। बागुन 16,108 शादियां करने वाले भगवान कृष्ण को प्रेरणा का स्रोत मानते हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने भी कृष्ण की तरह वंचित-शोषित महिलाओं की मदद करने के लिए उन्हें अपने साथ रखा।
कई शादियों की बताई थी ये वजह
- पूर्व सांसद सुम्ब्रुई की मानें, तो उन्हें किसी लड़कियों के पीछे भागने की जरूरत नहीं पड़ी। वे खुद उनकी ओर अट्रैक्ट हो रही थीं। बागुन ने कहा- 'मैं क्या कर सकता था? मैं उन्हें निराश नहीं कर सकता था, जो मुझसे शादी करना चाहती थीं।'
- हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि ज्यादातर आदिवासी महिलाओं ने उनसे तब शादी की, जब वे सांसद चुने जाने लगे। अनीता कुमारी भी उनमें से एक थीं।
बेटी की क्लासमेट से शादी
- गौरतलब है कि पूर्व सांसद बागुन की पहली पत्नी की बेटी और अनीता कुमारी दोनों क्लासमेट थीं। स्कूल में टीचर रह चुकीं अनीता के मुताबिक, बागुन बाबू हमेशा एजुकेशन को प्रमोट करते रहते थे। यही वजह थी कि उन्होंने अपने गुरु और गाइड से शादी कर ली।
- पति की दूसरी शादियों पर उनका कहना था कि वे उनकी चौथी पत्नी हैं और उनके अलावा कोई नहीं है। हालांकि, कई महिलाएं बागुन बाबू की पत्नी होने का दावा करती हैं। कुछ उनकी 58 पत्नियां होना बताते हैं, तो कुछ का कहना है कि यह आंकड़ा 40 हो सकता है।
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