रोहित साहू को बचा रही पुलिस : पिता
विनय के पिता मनबहाल महतो ने कहा है कि मेरा बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। पर, जो हादसा उसके साथ हुआ, वह किसी और छात्र के साथ हो। इसलिए रांची के लोग मेरा साथ दें। इस पूरे मामले में जांच की दिशा भटक गई गई है। पुलिस मेरे बेटे की हत्या का कारण प्रेम प्रसंग बता रही है। स्कूल संचालक रोहित साहू और प्राचार्य ध्रुव दास को गिरफ्तार करने के बजाए उसे बचाने का प्रयास हो रहा है। अब तक स्कूल सील नहीं किया गया है। वहीं, मां कुशिला देवी ने कहा कि पूरी साजिश के तहत मेरे बेटे की हत्या हुई है। हमें न्याय चाहिए। राज्य सरकार इस मामले की सीबीआई जांच कराए। सबसे हैरत वाली बात यह है कि सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री चुप हैं। यह असहनीय है। पुलिस और सरकार के रवैये से सभी आहत हैं। विनय के माता-पिता ने सरकार से मांग की कि मामले की सीबीआई जांच हो और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की जाए। स्कूल मैनेजमेंट पर अविलंब एफआईआर की जाए और चेयरमैन रोहित साहू प्रिसिंपल ध्रुव दास को गिरफ्तार किया जाए। नियमों को ताक पर रखकर पोस्टमार्टम करने वाले रिम्स के डॉक्टरों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
आप पार्टी द्वारा आयोजित इस प्रेस कांन्फ्रेंस में पवन पांडेय, सुधीर कुमार, उदय शंकर ओझा, आजम अहमद मौजूद थे। नेताओं ने कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस और स्कूल प्रबंधन के बीच मिलीभगत है। वहीं, इतनी बड़ी घटना पर सीएम चुप्पी साधे हुए हैं। घटना की सीबीआई जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए। यह जांच का विषय है कि पुलिस की जांच रिपोर्ट पहले स्कूल प्रबंधन के पास कैसे पहुंची। इधर, विनय हत्याकांड की सीबीआई जांच को लेकर आदिवासी मूलवासी जन अधिकार मंच रविवार को कैंडल मार्च निकालेगा। कैंडल मार्च राजभवन तक जाएगा।
मीडिया से बात करते विनय के माता-पिता।
{घटना जब कैंपस के अंदर हुई, तो सुरक्षा गार्ड कहां थे। इतनी मोटी फीस वसूलनेवाले स्कूल में सुरक्षा कहां थी?
{छात्रों के हॉस्टल और टीचर्स हॉस्टल का गेट देर रात क्यों खुला हुआ था। वहां सुरक्षा कर्मी क्यों नहीं थे।
{जिन शिक्षकों के कमरे से आपत्तिजनक चीजें मिलीं, वह दर्शाती है कि कैंपस में अनैतिक कार्य चल रहा था।
{स्कूल मैनेजमेंट बच्चों की सुरक्षा के प्रति इतना लापरवाह है, तो उसपर एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की गई। हाईकोर्ट ने भी कहा है कि प्रबंधक को पार्टी क्यों बनाया जाए।
{स्कूल ने मीडिया के सामने पहले कैसे खुलासा किया कि आरोपी फलां-फलां हैं। इससे साफ दिखता है कि पुलिस प्रशासन और स्कूल प्रबंधन के बीच मिलीभगत है।
{विनय का पोस्टमार्टम सुबह सात बजे ही आनन-फानन में क्यों किया गया। ऐसी हड़बड़ी क्या थी और किसके निर्देश पर यह किया गया, इसकी जांच क्यों नहीं हुई।
{स्कूल कैंपस को पुलिस ने सील क्यों नहीं किया। स्कूल प्रबंधन के पास पुलिस की जांच रिपोर्ट कैसे पहुंच गई।
{सातवीं में पढ़नेवाला छात्र और छठी कक्षा में पढ़नेवाली छात्रा के बीच प्रेम प्रसंग का मामला पूरी तरह से फिल्मी कहानी की तरह लगता है।
{पुलिस ने दावा किया कि आरोपी परिवार ने जुर्म कबूल लिया है। यदि इस कहानी में तथ्य सही था, तो आरोपी परिवार का कन्फेशन को सीआरपीसी की धारा 164 के बजाय सीआरपीसी की धारा 161 में क्यों दर्ज किया गया।