देवकी नंदन आज से सुनाएंगे श्रीकृष्ण की कथा / देवकी नंदन आज से सुनाएंगे श्रीकृष्ण की कथा

News - सत्संगजीवन जीने की कला है। श्री कृष्ण की कथा लोगों को प्रेम करना और शांतिपूर्ण जीवन जीने की कला सिखाती है।...

Jun 12, 2015, 03:05 AM IST
सत्संगजीवन जीने की कला है। श्री कृष्ण की कथा लोगों को प्रेम करना और शांतिपूर्ण जीवन जीने की कला सिखाती है। श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को प्रेम का संदेश दिया। सांसारिक जीवन में हमें प्रेम और शांति के साथ रहना चाहिए। विश्व का कल्याण भी इसी में है। आज विश्व शांति की कल्पना हर कोई कर रहा है। युवा पीढ़ी को भी श्रीकृष्ण और उनकी कथा का ज्ञान होना चाहिए, ताकि वह अपने धर्मकर्म को समझ सके। अपने धर्मकर्म की जानकारी हर युवा के लिए जरूरी है। ये बातें गुरुवार की शाम में सेवा सदन के पास पत्रकारों के साथ बातचीत में देवकी नंदन ठाकुर ने कही।

शामपांच बजे से होगी कथा

मारवाड़ीभवन हरमू रोड में शुक्रवार से श्रीकृष्ण कथा होगी। वृंदावन श्रीमद् भागवत कथा के सम्राट देवकीनंदन ठाकुर भक्तों को तीन दिनों तक श्रीकृष्ण कथा का रसपान कराएंगे। कथा का आयोजन विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया गया है। कथा शाम पांच बजे से रात आठ बजे तक होगी। कथा श्रवण के लिए भव्य पंडाल बनाया गया है। इसी पंडाल में श्रद्धालुओं की बैठने की व्यवस्था की गई है। शुक्रवार की शाम पांच बजे दीप प्रज्ज्वलन होगा। आरती के साथ कथा शुरू होगी। मुख्य यजमान द्वारा आठ बजे आरती होगी। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की कई आकर्षक झांकियां पेश की जाएंगी। इस अवसर पर संगीतमय भजन-कीर्तन होगा। कथा समाप्ति पर प्रसाद बांटा जाएगा।

सेवा सदन के पास स्थित आवास में महिलाओं ने देवकी नंदन ठाकुर की आरती उतार कर स्वागत किया।

वृंदावन में विश्व के सबसे ऊंचे मंदिर बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मंदिर का उद्घाटन आठ फरवरी 2016 को होगा। इस मंदिर की ऊंचाई 125 फीट है और खिले हुए कमल की तरह है। इस प्रियाकांत मंदिर में राधा-कृष्ण की प्रतिमा लगाई गई है। इसके अलावा ब्रज गुफा का निर्माण हो रहा है, जिसमें श्रीकृष्ण लीलाओं के दर्शन होंगे। जमशेदपुर के बाद रांची में सत्संग कर रांचीवासियों को आमंत्रित करने आया हूं। यहां के लोग आठ फरवरी को वृंदावन पहुंचे और इस कार्यक्रम को सफल बनाए।

योग दिवस पर पूछे गए सवाल के जवाब में देवकी नंदन महाराज ने कहा कि 21 जून को पूरी दनिया में योग दिवस मनाया जा रहा है। यह हर भारतवासी के लिए गर्व और सम्मान की बात है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। योग हमारे जीवन का हिस्सा होना चाहिए। योग को किसी जाति और धर्म से जोड़ना ठीक नहीं है। विश्व योग दिवस ने साबित कर दिया है कि भारत विश्वगुरु था। भारत के फिर विश्व गुरु बनने के दिन रहे हैं। योग हमें स्वस्थ्य और शांत रखने के लिए है। रोग किसी का धर्म और जाति देखकर नहीं आता।

कथा के दूसरे दिन शनिवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। फूलों की होली खेली जाएगी। साथ ही श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकियां भी दिखेंगी। इस दिन महिलाओं से पीले रंग के वस्त्र पहन कर आने की अपील की गई है। प्रमोद सारस्वत ने बताया कि कथा आयोजन को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति का गठन किया गया है। इसमें विनोद बजाज, विजय बजाज, प्रमोद बजाज, श्याम गोपल, दीपक सरावगी, किशन डालमिया और राजू पोद्दार को रखा गया है। कथा स्थल को सजाने का काम शुरू हो चुका है। कथास्थल में दो हजार लोगों की बैठने की व्यवस्था की गई है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की जाएगी।

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