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फॉल घूमने आनेवाले पर्यटक लौटने के लिए हो रहे विवश

5 वर्ष पहले
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अनगड़ाके सभी पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों के आने-जाने पर शुक्रवार से पर्यटक मित्रों ने अनिश्चित काल के लिए रोक लगा दी है। जोन्हा फॉल, सीता फॉल, हुंडरू फॉल आने-जाने वाली सभी सड़कों को बंद कर पर्यटक मित्र सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इससे फॉल घूमने आए पर्यटकों को लाैटना पड़ा। पूरा फॉल सूना पड़ा था। आंदोलनकारी पैदल भी किसी को फॉल की ओर आने नहीं दे रहे थे। हुगली, बंगाल से हुंडरू घूमने अाए तरूणो घोष ने बताया कि काफी समय से हुंडरू घूमने का प्लान बनाया था। पूरे परिवार के साथ घूमने आया तो यहां का नजारा देख कर काफी दुखी हुआ। बिना देखे ही घर लौट रहे हैं।

इसी तरह से रांची के राजीव कुमार पिकनिक मनाने अपने 20 दोस्तों के साथ सुबह में ही जोन्हा फॉल पहुंचे थे, लेकिन जब काफी आरजू मिन्नत के बाद भी जब पर्यटन मित्रों ने इन्हें फॉल जाने नहीं दी तो वे लोग दुखी मन से गेतलसूद डैम में पिकनिक मनाने गए। प्रखंड के तीनों फॉलों में शुक्रवार को दिनभर सन्नाटा छाया रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जोन्हा के धनंजय महतो ने बताया कि जब तक सरकार हमारी मांग को नहीं मान लेती है, आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर धनंजय महतो, राजकिशोर प्रसाद, कार्तिक बेदिया, नागेश्वर बेदिया, बालेश्वर बेदिया, पंचमी देवी, सुशांत कुमार लोहरा, राजेन्द्र महतो, सोहन बेक, मनीराम महतो, लक्ष्मण महतो, सुरेन्द्र महतो, सूरजन लोहरा, हलधर मुंडा, वीरेंद्र महतो, हरिदास महताे, प्रदीप महतो आदि उपस्थित थे।

जोन्हा फॉल में बीच सड़क पर धरना देते पर्यटक मित्र।

जोन्हा, हुंडरू और सीता फॉल के संचालन का दायित्व सरकार ने एसआईएस नाम के निजी संस्था को दे दिया है। इन फॉल में काम करनेवाले पर्यटन मित्र सरकार के इसी निर्णय का विरोध कर रहे हैं। वर्ष 2009 से ही आसपास के ग्रामीण जेटीडीसी के माध्यम से पर्यटन मित्र का काम करते अा रहे हैं। इसमें जोन्हाफॉल में 13, सीताफॉल में छह और हुंडरू में 19 पर्यटन मित्र कार्यरत हैं।

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