आठ साल से रद्दी बेचकर पूजा कर रहे हैं स्टूडेंट्स
माता की भक्ति में मग्न शहर
वसंत पंचमी को विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना भक्तों ने धूमधाम से की। शिक्षण संस्थान के अलावा लाॅज, अपार्टमेंट और मुहल्लों में पूजा की गई। पंडाल बनाकर मां सरस्वती की प्रतिमा को विराजमान किया गया है।
प्रसाद में थे कई फल
पूजा के बाद आरती हुई। श्रद्धालुओं ने माता की आरती उतारी। वैदिक मंत्रों के साथ माता की आराधना की। दंडवत प्रणाम किया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद बांटा गया। लगभग जगह प्रसाद में बेर, मटर, गाजर, संतरा और बूंदिया था। कहीं-कहीं सेब, संतरा आदि के फल मिले। कई पूजा पंडालों में पारंपरिक प्रसाद पंचामृत बांटा गया। प्रसाद बंटने के बाद भक्तों ने गुलाल चढ़ा कर वसंत उत्सव मनाया।
रिम्स में हुई भव्य पूजा
रिम्स में वर्ष 2013 बैच के छात्रों ने पूजा आयोजित की। बॉस्केट बॉल मैदान के पास भव्य पूजा पंडाल बनाया गया है। डॉ. केके सिन्हा, डॉ. हेमंत नारायण, डॉ. आरके श्रीवास्तव और डॉ. आरके सिंह पूजा समेत रिम्स परिवार सम्मिलित हुआ। रात को भव्य जगराता का आयोजन किया गया। माता के भजनों पर छात्र- छात्राएं झुमते रहे। जेडीए के डॉ. अजीत, डॉ. विवेक और डॉ. रवि ने कार्यक्रम संयोजन किया। वहीं, तुपुदाना स्थित रांची इंस्टीच्युट ऑफ साइंस एंड मैनेजमेंट नर्सिंग इंस्टीट्यूट में भी पूजा हुई। मैनेजर ओमप्रकाश गुप्ता ने समस्त पूजन संपन्न कराया। कार्यक्रम का संयोजन मिताली गोस्वामी ने किया।
रांची यूनिवर्सिटी के यूजीसी हॉस्टल थ्री, यूजी हॉस्टल वन और पीजी हॉस्टल टू में सरस्वती पूजा धूमधाम से हुई। इसमें यूएसए से आए सैलानी भी शामिल हुए। वीसी डॉ. रमेश कुमार पांडेय, रांची कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. यूसी मेहता, डॉ. मुकुंद चंद्र मेहता, पूर्व जैक अध्यक्ष डॉ. आनंद भूषण, विधायक विकास मुंडा और समीर उरांव भी पूजा में शामिल हुए। वहीं, रांची वीमेंस कॉलेज के आर्ट्स ब्लॉक में छात्राओं ने पूजा अर्चना की। इनके साथ प्राचार्या डॉ. मंजू सिन्हा समेत अन्य फैकल्टी भी शामिल हुए।
यहां भी हुई माता की पूजा
लालपुर स्थित गोल इंस्टीट्यूट, नन्हें कदम प्ले स्कूल, सर्कुलर रोड स्थित एनआईबीएम में निदेशक एमके गुप्ता, सचदेवा कॉलेज में निदेशक राजीव सिंह और अशोक नगर स्थित गुरुकुल स्कूल में प्रो. डॉ. आरएन सिंह ने पूजा की। निर्मला कॉलेज, फिरायालाल पब्लिक स्कूल और एसडी पब्लिक स्कूल में स्टूडेंट्स ने पूजा के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया।
यूएसए से आए सैलानी रांची विवि के कैंपस में हुई पूजा में शामिल हुए।
पिस रोड स्थित इशानी इनक्लेव में अनिरूद्ध, अंजलि और विवेक ने पूजा-अर्चना की।
मोरहाबादी स्थित पेंटिंग स्कूल में शंभु चौधरी ने आराधना की।
एदहलातू में सुहानी, पूजा, डॉली, प्राची, सानू और आयुषी ने मां की पूजा की।
चडरी सरना समिति ने माता की भव्य प्रतिमा बिठाकर पूजा-अर्चना की।
रांची | शास्त्रोंमें बताया गया है कि माघ शुक्ल पंचमी के दिन ज्ञान और विद्या की देवी माता सरस्वती का जन्म हुआ है। इसी उपलक्ष्य में इस दिन मां सरस्वती की पूजा होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शिक्षा मुहूर्त के लिए यह दिन सबसे उत्तम होता है। आज भी इस परंपरा को स्कूल, कालेज और अन्य शिक्षण संस्थान में निभाया जाता है। वहीं, श्रीकृष्णा पूजा समिति धुर्वा के सदस्य बहुत सादगी और आस्था से इस पर्व को मनाते हैं। समिति पिछले आठ सालों से सरस्वती पूजा आयोजित कर रही है। सदस्य तो सड़क पर चंदा काटते हैं और ही चंदा वसूलते हैं। समिति में रोहन, आदित्य, आकाश, अंश, गोपी, रवि, निशांत, तेज प्रताप, संजय, दीपक, विलियम, छोटू आदि सदस्य है। पूजा के बाद प्रतियोगिता भी होती है।
एचईसी हाई स्कूल धुर्वा के शिक्षक आशुतोष मिश्रा पिछले कई सालों से लगातार पूजा करा रहे हैं। उनका लड़का भी इसी पूजा समिति का सदस्य था। आज देश के टॉप इंस्टीट्यूट से इंजीनियरिंग कर रहा है।
अभिभावक बलराम ने कहा, बच्चे चंदा नहीं मांगते। अभिभावक स्वेच्छा से देते हैं, ताकि बच्चों को प्रोत्साहन मिले। शिक्षिका सोनी देवी ने कहा, काॅपी जल्दी भरे इसलिए ट्यूशन में बच्चे ज्यादा होमवर्क मांगते हैं। हर बच्चों में यह ललक होती है।
समिति में चार से 17 साल के कुल 22 सदस्य हैं। पूजा से एक सप्ताह पहले सदस्य घरों में एकत्रित रद्दी को बेचते हैं। रद्दी बेचने से जो पैसा आता है, उसी से पूजा करते हैं। रद्दी में सदस्यों द्वारा साल भर स्कूल, ट्यूशन और घर में पढ़ाई के दौरान एकत्रित कॉपी-किताब रहता है।
मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कराते आशुतोष मिश्रा।
शिवगंज में माता का भव्य पंडाल बना। सुबह में पुरोहित ने वैदिक मंत्रों के साथ माता की आराधना की। आरती में शामिल होकर श्रद्धालु ने की मंगल कामना।