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हेड क्लर्क के एक पद पर किए 7 प्रमोशन

5 वर्ष पहले
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रिनपास के संचालन और नीति निर्धारण के लिए बनाई गई प्रबंधकारिणी समिति (गवर्निंग बॉडी) पर यहां की प्रोन्नति उपसमिति भारी है। दरअसल, प्रबंधकारिणी समिति की रोक के बावजूद प्रोन्नति उपसमिति की बैठक करके सात लिपिकों को प्रधान लिपिक और समकक्ष पदों पर प्रोन्नति दे दी गई है। जबकि दिनांक 11 जनवरी 2012 को प्रबंधकारिणी समिति की 43वीं बैठक में सर्विस रुल्स के फाइनल होने तक लिपिकों के वेतनमान के मामले पर विचार करने से समिति ने मना कर दिया गया था।

साथ ही सर्विस रुल्स फाइनल होने पर दोबारा इसको प्रबंधकारिणी समिति में रखने का निर्देश दिया था। लेकिन प्रबंधकारिणी समिति के स्पष्ट मनाही के महज चार माह बाद ही प्रोन्नति उपसमिति की बैठक 28 जून 2012 को बुलाकर लिपिकों को वेतनमान 9300-34,800 ग्रेड पे 4200 देने को सहमति प्रदान कर दी गई। लेकिन जल्दबाजी में प्रधान लिपिक की जगह वरीय लिपिक पदनाम से प्रोन्नति दे दी गई, जबकि यह पद रिनपास में है ही नहीं।

मैंने अपनी रिपोर्ट दे दी है

मैंनेअपनी रिपोर्ट कमिश्नर को दे दी है। जहां तक स्वीकृत पद से ज्यादा को प्रोन्नति दिए जाने का सवाल है तो इस संबंध में फाइल देखकर ही कुछ बता पाऊंगा। तथ्यों के आधार पर ही रिपोर्ट दी गई है। विनयकुमार सिंकू, उप निदेशक, रिनपास

महज 13 साल में बना दिए गए प्रधान लिपिक

नवंबर1999 में निम्नवर्गीय लिपिक में बहाल कर्मियों को महज 13 वर्ष की सेवा में ही प्रोन्नति देकर प्रधान लिपिक बना दिया गया। रिनपास में यह अपने आप में अनूठा उदाहरण है। अभी तक प्रबंधकारिणी समिति और सरकार ने रिनपास के लिपिकों की सेवा को सचिवालय लिपिकीय सेवा होने को मंजूरी नहीं दी है। वहीं, यदि यह लागू भी होगी तो पांच वर्ष की नियमित संपुष्ट सेवा के उपरांत ही कुल स्वीकृत बल का 30 फीसदी सीमा में ही वेतनमान 4200 देने का प्रावधान है। इसी के चलते नियुक्ति प्रक्रिया विवादों मंे गई।

कमिश्नर के सवालों पर चुप्पी साध गए

मनमानेढंग से लिपिकों को 4200 ग्रेड पे देने पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष अभिषेक राज हेरेंज ने 26 अगस्त 2015 को सीएम प्रमंडलीय आयुक्त सह प्रबंधकारिणी समिति अध्यक्ष से शिकायत की थी। साथ ही गलत ढंग से दिए जा रहे वेतनमान पर रोक लगाते हुए रिकवरी की मांग की थी। तब कमिश्नर ने उपनिदेशक प्रशासन विनय कुमार सिंकू से जवाब मांगा। सिंकू ने 15 अक्टूबर 2015 को जवाब में कहा है कि निम्नवर्गीय लिपिक का वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 1900 तथा उच्चवर्गीय लिपिक का वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 2400 है। लेकिन सर्विस रुल्स फाइनल होने और प्रबंधकारिणी समिति की मंजूरी लेने के सवाल चुप्पी साध गए। स्वीकृत पदों के संबंध में भी गोलमोल जवाब दे गए।

सरकार ने भी अब तक नहीं दी मंजूरी

रिनपासमें प्रधान लिपिक का एक ही पद स्वीकृत है। किंतु एक साथ सात लिपिकों को प्रधान लिपिक और समकक्ष पद पर प्रोन्नति दे दी गई है। इस संबंध में 17 जून 2015 को दोबारा प्रोन्नति उपसमिति की बैठक कर इसमें पूर्व में निकाले गए कार्यालय आदेश संख्या 3404 दिनांक 22 जनवरी 2013 में आंशिक संशोधन करते हुए सात लिपिकों को आरक्षण की अनुमान्यता के आधार पर प्रोन्नति देने पर सहमति बनी। जबकि इसको अभी तक प्रबंधकारिणी समिति या सरकार की मंजूरी नहीं मिली है।

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