पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • ढाई साल में झारखंड ने विकास के पायदान पर दूसरा स्थान पाया : सीएम

ढाई साल में झारखंड ने विकास के पायदान पर दूसरा स्थान पाया : सीएम

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मुख्यमंत्रीरघुवर दास ने कहा है कि राज्य गठन के बाद 14 वर्षों तक राजनीतिक अस्थिरता के कारण झारखंड का अपेक्षित विकास नहीं हुआ। लेकिन उनकी सरकार बनने के बाद पिछले ढाई साल में झारखंड ने विकास को नया आयाम दिया है। पूरे देश में झारखंड ने विकास के पायदान पर दूसरा स्थान हासिल किया। वह नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत के नेतृत्व में आयी टीम के साथ बैठक में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहला अवसर है कि नीति आयोग की टीम झारखंड में आकर राज्य की कठिनाइयों प्राथमिकताओं का अवलोकन कर रही है

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय औसत प्राप्त करने के लिए झारखंड को आज भी केन्द्र से शिक्षा, स्वास्थ्य अन्य क्षेत्रों में मदद की अपेक्षा है। राज्य सरकार ने भी विकास के लिये ठोस कदम उठाए हैं। झारखंड विकास के कई पायदानों में विकसित राज्यों की श्रेणी में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2018 तक सभी घरों में विद्युत सुविधा तथा सभी जिलों को ओडीएफ करने का लक्ष्य है। राज्य में महिला साक्षरता दर में भी सुधार आया है। बालिका शिक्षा एवं जनजातीय समुदायों के शिक्षा एवं समग्र विकास पर राज्य सशक्त प्रयास कर रही है।

वित्तीय स्थिति मजबूत : खरे

अपरमुख्य सचिव सह विकास आयुक्त अमित खरे ने बताया कि राज्य में पिछले दो वित्तीय वर्षों में बजट व्यय 94.44 तथा 97.36 प्रतिशत रहा है। साथ ही झारखंड आज देश के तेजी से विकास कर रहे राज्यों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति पूर्णतः मजबूत और नियंत्रण में है तथा राज्य के पास एक स्टेट डेवलपमेंट काउंसिल है जो विकास के लिए समर्पित है। बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तार से योजनाओं जरूरतों पर चर्चा की गई।

झारखंड की विकास दर 8.6 प्रतिशत : राजबाला

मुख्यसचिव राजबाला वर्मा ने बताया कि देश के औसत विकास दर 6.8 से आगे झारखंड का विकास दर 8.6 प्रतिशत रहा। यह टीम झारखंड की प्रतिबद्धता स्पष्ट कार्य दिशा का परिणाम है। ईज आॅफ डूइंग बिजनेस की दृष्टि से झारखंड ने 96.5 प्रतिशत स्कोर के साथ अव्वल राज्यों की श्रेणी में खड़ा है। महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कल्याण आदि क्षेत्र में राज्य का विशेष जोर है। नीति, निवेश एवं कार्यान्वयन में राज्य के पास सबल नीति है और प्रतिबद्ध टीम भी है।

नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके सारस्वत ने विभागों की समीक्षा करते हुए झारखंड को उदीयमान भारत के सबसे सशक्त चेहरों में से एक होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में झारखंड ने अपनी विश्वसनीय शुरूआत की है। विकास दर, मोमेंटम झारखंड आदि के द्वारा एक डायनामिक लीडरशिप, प्रभावशाली नीतियां और सफल कार्यान्वयन का निर्देशन हुआ है। सारस्वत ने कहा कि समावेश अर्थात अपने ज्ञान आधारित संसाधन को राष्ट्रीय स्तर पर समन्वयन और आदान-प्रदान के तहत स्वीकार करना चाहिए। कई ऐसे क्षेत्र हैं- शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, स्वच्छता आदि, जहां व्यापक दृष्टि बोध नीति और कार्य योजना के साथ कार्य किया जा सकता है। झारखंड को हर सम्भव सहयोग और मदद नीति आयोग देगा। एक टीम की तरह राज्य के विकास के लिए कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में टीम भावना से काम किया जा रहा है, इसी कारण तेजी से विकास हो रहा है। फिर भी अभी यहां और तेजी से काम करने की जरूरत है।

नीति आयोग की टीम ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं की प्रशंसा की।

खबरें और भी हैं...