भागवत है पुरुषार्थ प्रदान करने वाला : पं नीरज
गेतलातूस्थित श्री वैष्णवी शिव राम सेवा संस्थान में देवी-दर्शन महायज्ञ महोत्सव समिति द्वारा आयोजित वैष्णवी महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को मंडप पूजन हुआ। दोपहर बाद वृंदावन से आए पं. नीरज कृष्ण शास्त्री ने भागवत की व्याख्या करते हुए कहा कि यह कथा चारो पुरुषार्थ जैसे धर्म, अर्थ, काम मोक्ष को प्रदान करने वाला है। सच्चिदानंद शब्द की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि ईश्वर का जो रूप है, वो आधार, ज्ञान एवं सुख स्वरूप है। उसी ईश्वर के अंश होने के कारण हम समस्त जीवों को भी आनंद का आधार प्राप्त होना चाहिए। आज की कथा में प्रमुख रूप से मन के विषय में चर्चा की गई। मन ही इस जगत में नाना प्रकार के दुखों का कारण बनता है और यही मन, यदि ईश्वर की तरफ लगा दें तो मोक्ष मिलने में देरी नहीं लगती है। मौके पर सुंदर झांकी की दिखी।