एमसीसी हो या टीपीसी, नहीं चलेगी गुंडागर्दी
विकास करने भगवान नहीं आएंगे, ग्रामीण आगे आएं
भास्कर न्यूज | लावालौंग (चतरा)
उग्रवादियोंकी मांद माने जाने वाले लावालौंग में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने माओवादी और टीपीसी को ललकारा। उन्होंने कहा कि चतरा को उग्रवादमुक्त जिला बनाना है। एमसीसी हो या टीपीसी, किसी की भी गुंडागर्दी नहीं चलेगी। झारखंड में कानून का राज है। जो भी कानून से खिलवाड़ करेगा, सरकार उसे मुंहतोड़ जवाब देगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां नौ कुंडीय श्रीराम महायज्ञ का शुभारंभ करने आए थे।
उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है। अगर कोई गुंडागर्दी करता है या डराता-धमकाता है तो 181 पर फोन कर उन्हें बताएं। सरकार उनसे निपटने में सक्षम है। उन्होंने युवाओं को उग्रवाद के खिलाफ खड़ा होने की नसीहत दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने भी मां का दूध पीया है। रोज-रोज घुट-घुटकर मरने से अच्छा है कि एक बार मरें। लावालौंग को अगर विकसित प्रखंड बनाना है तो यहां से उग्रवादियों को खत्म करना ही होगा। उनकी सरकार राज्य में लेवी का खेल नहीं चलने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के कुछ युवक भूलवश राह भटक गए हैं। उन्होंने ऐसे युवाओं से मुख्यधारा में लौटने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इटखोरी का भद्रकाली मंदिर बौद्ध सर्किट से जुड़ेगा। सरकार ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में चतरा जिले की पहचान पर्यटन क्षेत्र के रूप में होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था वहां की कृषि, इंडस्ट्रीज,आईटी एवं पर्यटन पर निर्भर करती है। झारखंड सरकार इन क्षेत्रों को सुदृढ़ करने का प्रयास कर रही है। कृषि के साथ बागवानी पशुपालन के माध्यम से किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं। सरकार किसानों के लिए फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगा रही है। राज्य के सभी क्षेत्रों में इस प्लांट की स्थापना की जाएगी। ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बिचौलियों के पास नहीं जाना पड़े। दूध उत्पादन के क्षेत्र में भी इस राज्य को आत्मनिर्भर करना है। सरकार दूध उत्पादन करने वाली 50 हजार महिलाओं को 90 प्रतिशत अनुदान पर दो-दो गाय देने जा रही है।
सीएम ने कहा सभी ग्रामीण अपने-अपने पंचायतों को आदर्श पंचायत बनाने में अपनी भूमिका का निवर्हन करें। अपने लिए तो पशु भी जीते हैं। समाज के लिए कुछ करें और अपनी अलग पहचान छोड़कर जाएं। शासन, शासक और जनता के बीच दूरी नहीं रहे, इसी को लेकर सीएम से लेकर पदाधिकारी तक सीधे गांव में जा रहे हैं और लोगों के बीच उनकी जरुरत के हिसाब से योजनाओं का चयन कर रहे हैं।
योजना बनाओ अभियान में ग्रामीणों को संबोधित करते मुख्यमंत्री।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं उनका दाखिला जरुर कराएं। गांव के गरीबों को स्वाभिमान से जीना है तो शिक्षित समाज बनाना होगा। बच्चियों की शिक्षा से दो परिवार शिक्षित होते हैं। इसलिए इनके बालिग होने पर ही शादी के बारे में सोचें। सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की शुरूआत की है।