सरस्वती प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर कंटेनर चढ़ा, 12 की मौत
तीन थाने की पुलिस और सीआरपीएफ तैनात, व्यापारियों ने सोमवार को बगोदर बंद की अपील की
मृतकों में सात बच्चे शामिल, 20 लाेग घायल, क्षेत्र में तनाव
भास्कर न्यूज| गिरिडीह/बगोदर
बगोदरमें जीटी रोड पर रविवार की शाम एक कंटेनर ने सरस्वती प्रतिमा विसर्जन जुलूस को रौंद दिया। इस घटना में 12 लोगों की मौत हो गई। 20 लोग घायल हैं। घटना के बाद कंटेनर चालक फरार हो गया। मृतकों में बच्चे, अभिभावक और शिक्षक शामिल हैं। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर पुलिस पर पथराव किया। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सरिया, बगोदर और डुमरी थाने की पुलिस और सीआरपीएफ को तैनात कर दिया गया है। व्यापारियों ने इस घटना के विरोध में सोमवार को बगोदर बंद की अपील की है।
उत्क्रमित मध्य विद्यालय गैंडा के बच्चे सरस्वती प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए जुलूस की शक्ल में जा रहे थे। शाम करीब 6:30 बजे कोलकाता की ओर से रहा कार से लदा एक कंटेनर जुलूस में घुस गया और लोगों को रौंद डाला। इसमें आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। शवों के चिथड़े उड़ गए। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बगोदर पहुंचाया। वहां से उन्हें रांची, धनबाद और हजारीबाग रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही दो और लोगों ने दम तोड़ दिया। वहीं एक की हजारीबाग और एक की धनबाद में मौत हो गई। सूचना मिलते ही गिरिडीह के डीसी उमाशंकर सिंह और एसपी अखिलेश वी बैरियर घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। अफरातफरी मच गई। आक्रोशित लोगों ने घंटों तक जीटी रोड जाम रखा।
एक-एक लाख मुआवजा
मुख्यमंत्रीरघुवर दास ने हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को एक-एक लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की। साथ ही अधिकारियों को घायलों का बेहतर इलाज कराने का निर्देश दिया।
बगोदर में ही पोस्टमार्टम
शवोंको बगोदर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है। सोमवार को यहीं पोस्टमार्टम किया जाएगा। विधायक नागेंद्र महतो ने कहा कि डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम करने के लिए बगोदर ही आएगी।
रात 12 बजे तक नहीं उठाने दिया शव
घटनाके बाद पूर्व विधायक विनोद सिंह के नेतृत्व में लोग धरने पर बैठ गए। वे मृतकों के आश्रितों को पांच लाख रुपए सरकारी नौकरी और घायलों को दो लाख रुपए मुआवजा बेहतर इलाज मुहैया कराने की मांग कर रहे थे। रात करीब 12 बजे विधायक नागेंद्र महतो घटनास्थल पर पहुंचे। उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने और उसे पूरा करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने धरना हटाया और फिर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस मौके पर विधायक ने अपनी ओर से मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार रुपए देने की घोषणा भी की।
पुलिस पर पथराव एंबुलेंस में तोड़फोड़
घटनाके बाद संतुरपी और गैंडा गांव से बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक हथियारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे और नेशनल हाइवे को जाम कर दिया। भीड़ ने शव उठाने गए पुलिस पर जमकर पथराव किया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस वहां से चली गई। तभी घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए वहां एंबुलेंस पहुंची। आक्रोशित लोगों ने एंबुलेंस में भी तोड़फोड़ की। इस घटना से नेशनल हाइवे पर घंटों तक जाम लगा रहा।