मात्र 13 मिनट में विनय की हत्या से लेकर सफाई तक कर डाली
सफायरस्कूल के छात्र विनय महतो की हत्या के मामले में यदि पुलिस और स्कूल प्रबंधन का तर्क सही मानें तो 16 वर्षीय आरोपी हम्जा आरिफ किसी प्रोफेशनल किलर से कहीं ज्यादा खतरनाक अपराधी है। उसने विनय को बुलाकर महज 13 मिनट में सिर्फ उसकी हत्या कर डाली, बल्कि उसे छत से नीचे फेंक कर काॅरिडोर में गिरे खून को धोकर-साफ कर, उसे सूखा तक दिया। किसी को भले इस कहानी पर अचरज हो, रांची पुलिस को इसमें कहीं कोई संशय नहीं दिखा।
मंगलवार को चार शिक्षकों के पॉलिग्राफ टेस्ट के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने वाली रांची पुलिस बुधवार को अचानक यू टर्न लेते हुए उन चारों शिक्षकों को बाइज्जत बरी कर देती है। कोर्ट द्वारा टेस्ट करवाने संबंधी आदेश की कॉपी लेना भी पुलिस ने जरूरी नहीं समझा। एसएसपी ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर एक नई कहानी मीडिया के सामने परोस दी।
टीचर्स हाॅस्टल की फाइल फोटो।
1.09 परब्वॉयज हॉस्टल से निकला।
1.17मिनटपर टीचर्स हॉस्टल स्थित फ्लैट पहुंचा होगा।
1.18मिनटपर विवाद के बाद मारपीट शुरू हुई होगी।
1.29मिनटपर हत्यारा विनय को फ्लैट से बाहर कॉरिडोर में लाया होगा।
1.30मिनटसे पहले हत्यारे ने विनय को फर्स्ट फ्लोर से नीचे गिरा दिया होगा।
1.34मिनटपर शिक्षक दुर्वानंद ने विनय को लॉबी में गिरा हुआ पाया।
इधर, पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चंदाघासी जाकर विनय के पिता मनबहाल महतो और माता कुशिला देवी से मुलाकात की। हेमंत से अपना दुखड़ा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि विनय पर लगाए गए आरोप बिलकुल निराधार हैं। उन्होंने स्कूल के चेयरमैन रोहित साहू और प्रिंसिपल ध्रुव दास पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए कहा कि इस घटना में स्कूल प्रबंधन की पूरी लापरवाही है। उनको किसी सूरत में बख्शा नहीं जाना चािहए। ऐसे हत्यारे स्कूल को भी बंद होना चाहिए।
पुलिस और स्कूल प्रबंधन ने जो साक्ष्य उपलब्ध करवाए हैं, यदि वे सही हैं तो हत्यारा किसी प्रोफेशनल किलर से कहीं ज्यादा तेज और खतरनाक था। विनय रात 1.09 बजे अपने हॉस्टल से निकलता है। उसे 800 मीटर दूर स्थित टीचर्स फ्लैट तक पहुंचने में कम से कम आठ मिनट लगे होंगे। वह रात 1.17 बजे आरोपी शिक्षिका के फ्लैट में पहुंचा होगा। इधर, रात 1.34 बजे टीचर दुर्वानंद को विनय लॉबी में गिरा हुआ मिला। हॉस्टल के सामने वाले रास्ते से टीचर दुर्वानंद रहे थे। वे जिस रास्ते से रहे थे, वहां कम से कम चार मिनट पहले तक का पूरा रास्ता साफ दिखता है। इसका मतलब, 1.30 बजे के पहले हत्यारे विनय को नीचे गिरा चुके थे।
हत्यारे ने मात्र 13 मिनट में विनय को मारा ही नहीं, बल्कि कॉरिडोर में गिरे खून को धो कर पूरा कॉरिडोर भी सूखा डाला। यदि ऐसा नहीं होता तो नाजिया के फ्लैट के ठीक सामने रहने वाली वाइस प्रिंसपल को रात 1.35 बजे गीला कॉरिडोर देखकर शक तो जरूर हुआ होता। शिक्षक दुर्वानंद की सूचना पर वाइस प्रिंसिपल तुरंत दरवाजा खोलकर बाहर निकली। ऐसे में यदि कॉरिडोर रात को धोया गया होता, पोंछा लगाया गया होता, तो उनकी नजरों से यह छुपा नहीं रहता और वह चुप्पी नहीं साधी होती।