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बिरसा समाधि स्थल पर जुटे आदिवासी नेताओं ने लिया संकल्प : नहीं होने देंगे सीएनटी-एसपीटी में संशोधन

खलारी में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन बिरसा के उलगुलान को नहीं भुलाया जा सकता विकास के मार्ग पर है राज्य :...

Dainik Bhaskar

Nov 16, 2016, 03:25 AM IST
बिरसा समाधि स्थल पर जुटे आदिवासी नेताओं ने लिया संकल्प : नहीं होने देंगे सीएनटी-एसपीटी में संशोधन
खलारी में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

बिरसा के उलगुलान को नहीं भुलाया जा सकता

विकास के मार्ग पर है राज्य : द्रौपदी

दिल्ली के झारखंड भवन में मनी जयंती

नामकुम में बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण

सीएनटी एक्ट में संशोधन शहीदों का अपमान

आजसूसुप्रीमो और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो ने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट में किसी प्रकार का संशोधन या छेड़छाड़ भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू और अन्य शहीदों का अपमान होगा। बिरसा जयंती के मौके पर उनकी जन्मस्थली उलिहातू में आजसू द्वारा आयोजित बिरसा जनपंचायत को बतौर मुख्य अतिथि सुदेश महतो संबोधित कर रहे थे। पूर्व मंत्री उमाकांत रजक, विधायक विका सिंह मुंडा सहित कई लोगों ने धरती आबा को नमन किया। उनके साथ भोगनाडीह से आए सिदो-कान्हू के वंशजों ने भी धरती आबा की जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित की। बिरसा जन पंचायत को संबोधित करते सुदेश महतो ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में भगवान बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू का आंदोलन सबसे बड़ा आंदोलन था। सबसे बड़ी शहादत थी। इसके बाद भी इन महापुरुषों को इतिहास में जगह मिली और ही राष्ट्रीय स्तर पर पहचान। बिरसा जन पंचायत के माध्यम से आजसू पार्टी इन अमर शहीदों को न्याय दिलाएगी।

आजसू जन सहयोग के माध्यम से बिरसा मुंडा की देश में सबसे बड़ी प्रतिमा का निर्माण कराएगी। जमीन बचाने के लिए ही भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, वीर बुद्धू भगत, टिकैत उमरांव, शहीद विश्वनाथ शाहदेव, गणपत राय सहित अन्य हजारों लोगों ने जमीन के लिए ही अपनी कुर्बानी दे दी।

अध्यक्षता करते हुए तमाड़ के विधायक विकास सिंह मुंडा ने कहा कि एक्ट में किसी प्रकार का संशोधन सरकार के लिए आत्मघाती होगा। बिरसा मुंडा के वंशज सुखराम मुंडा ने कहा कि बिरसा मुंडा ने जमीन बचाने के लिए आंदोलन किया था। आज एक बार फिर वहीं स्थिति गई है। सिद्ध कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू ने भी संबोधित किया। मौके पर पूर्व मंत्री उमाकांत रजक, पूर्व विधायक डॉ. देव शरण भगत, पर्वती देवी, डोमन सिंह मुंडा, हसन अंसारी सहित हजारों लोग उपस्थित थे।

नामकुम| नामकुमलाह संस्थान के समीप सरहुलटांड़ में बिरसा की प्रतिमा पर जनप्रतिनिधियों ने माल्यार्पण किया। सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार सिंह ने कहा कि बिरसा मुण्डा के बताये मार्गाें पर चलने की जरूरत है तभी राज्य का विकास हो सकता है। वहीं, विधायक प्रतिनिधि बिरसा पाहन ने जयंती के अवसर पर कहा कि हमलोगों को संकल्प लेना चाहिए कि सभी वर्गो को मिलजुलकर झारखंड को एक बेहतर राज्य बनाने की कोशिश की करें, तभी बिरसा मुंडा के सपने साकार हो सकेंगे।

अंत नहीं उलगुलान नाटक मंचन ने किया भाव विभोर

जनपंचायतके दौरान प्रख्यात नाटककार अजय मलकानी द्वारा निर्देशित अंत नहीं उलगुलान का नाटक ने लोगों को भाव विभोर कर दिया। अंग्रेजों के जुल्म और भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, विश्वनाथ शाहदेव, गणपत पांडेय, वीर बुद्धू भगत सहित अन्य अमर शहीदों के आंदोलन, उनकी गिरफ्तारी और शहादत की जीवंत प्रस्तुति देकर कलाकारों ने लोगों का मन मोह लिया। गायक मुकुंद नायक सहित अन्य कालाकारों ने भी अपने गीत-संगीत से लोगों का खूब मनोरंजन किया।

रांची-टाटा मार्ग में स्थापित होगी देश की सबसे बड़ी प्रतिमा

आजसूकी बिरसा जन पंचायत में भगवान बिरसा मुंडा की देश की बड़ी प्रतिमा बनाने का संकल्प लिया गया। राम दुर्लभ सिंह मुंडा ने प्रतिमा के लिए जमीन देने की घोषणा की। आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि रांची-टाटा मार्ग में धरती आबा की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। हर परिवार से सहयोग एक पत्थर लिया जाएगा। महतो ने कहा कि विजयवाड़ा में देश की सबसे बड़ी प्रतिमा 131 फीट की है। भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा देश की उससे भी बड़ी होगी। जिसका निर्माण कार्य दो साल में पूरा किया जाएगा।

आजादी के बाद पहली बार दो शहीद परिवार एक मंच पर

आजादीके लिए कुर्बानी देने वाले दो अमर शहीदों के परिवार आजादी के बाद पहली बार एक साथ मंच पर आए। सिदो-कान्हू के वंशज और भगवान बिरसा मुंडा के परिवार वालों ने एक साथ भगवान बिरसा मुंडा को नमन किया। साहेबगंज जिला स्थित सिदो-कान्हू की जन्मस्थली भोगनाडीह से उनके वंशज मंडल मुर्मू के नेतृत्व में उलिहातू आए थे। दोनों परिवारों का स्वागत माला पहना कर पारंपरिक तरीके से किया गया। दोनों ही अमर शहीदों के वंशजों ने सीएनटी-एसपीटी एक्ट में किसी प्रकार के संशोधन का कड़ा विरोध किया।

खूंटी के उलिहातू में आयोजित बिरसा जन पंचायत में उपस्थित आजसू कार्यकर्ता और अन्य लोग।

बिरसा जन पंचायत में बिरसा और सिदो-कान्हू के वंशज के साथ सुदेश महतो।

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