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कलश यात्रा के बाद हुई पंचांग पूजा

5 वर्ष पहले
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मां वैष्णवी के दरबार में हुई कलश स्थापना

श्रीवैष्णवीशिव राम सेवा संस्थान में वैष्णवी महोत्सव मेला का शुभारंभ गुरुवार को सुबह आठ बजे हनुमत पूजन, ध्वजारोहण और कलश यात्रा से हुआ। कलश यात्रा में गेतलातू, पंडरा, धुर्वा, एचईसी, टाटीसिलवे, किशोरगंज, इरबा, रातू रोड, कमड़े, कांके, विकास और ओरमांझी से महिला श्रद्धालु शामिल हुईं। दिन के 12 बजे ढोल और बाजे-गाजे के साथ कलश यात्रा निकली। आकर्षक छऊ नृत्य रहा। सबसे पहले आचार्य का रथ मार्गदर्शन कर रहा था, तो छऊ नृत्य कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे थे। शोभायात्रा देवी-दर्शन स्थल से निकल कर गेतलातू ग्राम भ्रमण करती हुई जुमार नदी से जल भर कर पुनः देवी-दर्शन स्थित मां वैष्णवी के दरबार में प्रवेश की। कलश स्थापना के बाद भक्तों ने पुंगल प्रसाद ग्रहण किया।

श्रीराम दरबार मंदिर से निकाली गई कलश यात्रा में शामिल महिला श्रद्धालु।

दिन के दो बजे से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ होगा। यजमान के रूप में श्रीवैष्णवी शिवराम सेवा संस्थान महायज्ञ महोत्सव समिति के सचिव रंजीत कुमार, वंदना कुमारी, रामकिशोर सिंह और सरस्वती देवी ने वार्षिकोत्सव महायज्ञ महोत्सव का संकल्प लिया। आयोजन में विनय सिंह, बिरेंद्र तिवारी, मनोज मिश्रा, विवेक रंजन आदि ने सहयोग किया।

रथ पर आचार्य पंडित जानकी रामाचार्य महाराज और यज्ञ आचार्य संजय पांडेय विराजमान थे। शोभायात्रा पुरोहितों और मुख्य यजमान रामकिशोर सिंह और रंजीत कुमार की मंत्रध्वनि से गूंज रही थी। भक्तगण जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। नगाड़ों की थाप और शहनाइयों की गूंज भक्ति का रस बिखेर रही थी। उसके बाद योग शिविर में भाग लिया।

कलश यात्रा मंदिर परिसर से निकल कर जुमार नदी पहुंची, यहां पर श्रद्धालुओं ने जल भरा और माता के मंदिर में कलश की स्थापना की।

रांची | धुर्वाबस स्टैंड के पास श्रीराम दरबार मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह गुरुवार से शुरू हुआ। सुबह आठ बजे महिलाएं कलश लेकर मंदिर परिसर से निकलकर धुर्वा डैम पहुंची। वहां जल भरकर वापस मंदिर पहुंची। उसके बाद पंचांग पूजन हुआ। शुक्रवार को भगवान का जलाधिवास, अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास और फलाधिवास होगा। शनिवार को वसंत पंचमी के अवसर पर सुबह प्राण-प्रतिष्ठा यज्ञ होगा। गोरखपुर के अवधेशानंद प्रवचन करेंगे। मुख्य यजमान अवधेश सिंह, शीला देवी, सतीश सिंह, मंजू देवी, मृगेंद्र सिंह और शीला सिंह हैं।

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