महारुद्र महायज्ञ से पहले निकली मंगल कलश यात्रा
रॉकगार्डन परिसर स्थित काली मंदिर में श्रीश्री 1008 महारुद्र महायज्ञ के लिए मंगलवार को कलशयात्रा निकाली गई। बनारस से आए पुजारी मिथिलेश मिश्रा के नेतृत्व में नौ पंडितों ने इसकी अगुवाई की। सुबह प्रायश्चित संकल्प, दस विध स्नान और क्षौर कर्म हुआ। उसके बाद 751 महिलाएं माथे पर कलश रखकर यज्ञ स्थल से कैंब्रियन स्कूल होते हुए कांके डैम पहुंची। वहां नववर्धनी कलशों की पूजा हुई। जीव मातृक, स्थल मातृक और जल मातृक की पूजा के बाद कलशों में जल भरा गया। उसके बाद सभी यज्ञ स्थल पहुंचकर यज्ञ मंडप की परिक्रमा करते हुए कलश स्थापना की।
श्रद्धालुओंने लगाए जयकारे
कलशयात्रा के दौरान बीच-बीच में श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। भजन कीर्तन हुआ। कलश यात्रा में शामिल महिला श्रद्धालुओं ने बताया कि चूंकि कलश उठाना था, इसलिए उपवास पर रहीं। पूजा-अर्चना करने के बाद ही जलपान ग्रहण किया। वाराणसी के राजेश पांडेय अभिषेक पांडेय, देवघर के भागीरथ पांडेय गोविंद पांडेय और रांची के मंजीत पाठक, अवधेश पांडेय, श्रीनिवास मिश्र, संजय मिश्र, नरेंद्र तिवारी धनंजय पांडेय ने मंत्रोच्चारण किया।
काली मंदिर से निकाली गई कलश यात्रा में शामिल महिला श्रद्धालु।
यज्ञ स्थल पर सुंदर झांकी लगाई गई है। गेट पर बजरंग बली की विशाल मूर्ति के अलावा श्रीगणेश, यज्ञ करते हुए विश्वामित्र, श्रीकृष्ण, शिव-पार्वती और भगवान विष्णु-लक्ष्मी की मूर्ति सजाई गई है। एलईडी लाइट से कई गेट बनाए गए हैं। भक्तों को यज्ञस्थल तक पहुंचने में परेशानी हो इसलिए तोरणद्वार भी बनाए गए हैं। भजन-कीर्तन के लिए साउंड सिस्टम पर भी लगा है।
बुधवार से यज्ञ स्थल पर रामलीला का मंचन होगा। शाम छह बजे से मथुरा के ग्रुप द्वारा रामलीला का मंचन किया जाएगा। रामलीला के मंचन के लिए कलाकारों की टीम पहले ही पहुंच चुकी है। सभी कलाकार तैयारी में जुटे हैं।
बुधवार को सुबह पंचांग पूजन, बेदी पूजन, स्तंभ पूजन, अरणी मंथन, अग्नि स्थापना और महाआरती होगी। 11 फरवरी से 19 फरवरी तक हवन होगा। इसमें काफी श्रद्धालु शामिल होंगे। पूर्णाहुति के अवसर पर 19 फरवरी को दिन के एक बजे से रामलीला झांकी, बंगाल के ढाक, घोड़ा और हाथी के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी।