जनता को केंद्र में रख बनाएं योजनाएं
कुख्यात अपराधियाें को सजा दिलाएं
ग्रामीणों ने दो लाख योजनाएं चिह्नित कीं
मुख्यमंत्रीने कहा कि योजना बनाओ अभियान के तहत 120 प्रखंडों में करीब दो लाख योजनाओं को ग्रामीणों ने चिन्हित किया है। इनमें बुनियादी सुविधाओं के अलावा भू-समतलीकरण, मिट्टी का बांध, डोभा, पोखर, कुआं, पशु शेड इत्यादि से संबंधित प्रस्ताव हैं। भूजल स्तर बनाए रखने के लिए तीन से पांच फीसदी मॉडल कारगर होगा। मनरेगा की समीक्षा के दौरान अधिक से अधिक कार्य दिवस सृजित करने के लिए समुचित योजना पर पंचायत समिति एवं जिला परिषद का अनुमोदन प्राप्त करने तथा डाटा इंट्री का कार्य अभी से आरंभ कर 22 फरवरी तक इसे पूरा करने का उन्होंने निर्देश दिया। कहा कि अब मनरेगा योजना की समीक्षा डीसी प्रत्येक दिन करेंगे। प्रमंडलीय आयुक्त प्रत्येक सप्ताह इसकी समीक्षा करेंगे। इंदिरा आवास के अन्तर्गत लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत योजनाओं को स्वीकृत करने एवं समय पर किस्त की राशि उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
मुख्य सचिव राजीव गौबा, विकास आयुक्त सह अपर मुख्य सचिव वित्त अमित खरे, सीएम के प्रधान सचिव संजय कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव एनएन सिन्हा, जल संसाधन के प्रधान सचिव सुखदेव सिंह, सीएम के सचिव सुनील वर्णवाल समेत विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, सचिव, सभी प्रमंडलीय आयुक्त डीसी। पुलिस अफसरों की बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह एनएन पांडेय, डीजीपी डीके पांडेय, एडीजी बीबी प्रधान आदि थे।
डीजीपी ने कहा कि थानों के आधुनिकीकरण के साथ ही अन्य आधारभूत संरचना को सुधारने का काम किया जा रहा है। यूनिफाइड डायल सिस्टम 100 का काम 31 मार्च तक पूरा हो जाएगा। अगले वित्तीय वर्ष से राज्य के सभी थानों में यह प्रभावी होगा। महिला सुरक्षा से संबंधित शक्ति एप चरणबद्ध ढंग से जिलों में लागू होगा। कांस्टेबल एवं आदिम जनजाति बटालियन की भर्ती प्रक्रिया जारी है। बोकारो, गुमला, चतरा के महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी लगाया गया है। सभी जिलों में इसे जल्द ही लगाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस पदाधिकारी निष्पक्ष भाव से संवेदनशीलता के साथ काम करें। जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत किया जायेगा और जो पुलिस पदाधिकारी गलत कर रहे हैं, उन्हें दंडित किया जाएगा। संपत्ति जब्त करने का कानून भी पास हो चुका है। सरकार राज्य में स्मार्ट थाने खोलने की दिशा में कार्य कर रही है। थानों के साथ-साथ दरोगा एवं इंस्पेक्टर को भी स्मार्ट बनना होगा। कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए टीम वर्क के साथ काम करना होगा।
सीएम ने कहा कि जन केंद्रित विकास ही सुशासन का मूल-मंत्र है। विकास से संबंधित योजनाओं में जनता की साझेदारी होगी तो योजना निश्चित रूप से सफल होगी। उन्होंने जल-संचय, कृषि, आपदा प्रबंधन के तहत चापाकल लगाने, वनाधिकार पट्टा, मुख्यमंत्री अनुसूचित जनजाति विकास योजना, ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना इत्यादि को कार्यान्वित करने का आदेश दिया। कहा कि उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों को विकसित करना सरकार की प्राथमिकता में है। जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर भी अच्छी कार्य संस्कृति कायम करते हुए योजनाओं को निश्चित समय सीमा में पूर्ण करें।
सीएम ने विधायक कोष, सांसद आदर्श ग्राम योजना, वनाधिकार पट्टा एवं कृषि से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर एक सप्ताह के अंदर शिड्यूल एरिया, आदिवासी विकास परिषद की बैठक करें। 2018 तक स्वच्छ झारखंड का लक्ष्य पूरा करें। अधिकारी शासक की भूमिका में रह कर सेवक की भूमिका में रहें और कुछ ऐसा कीर्ति करें कि लोग याद रखें।
मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में मौजूद विभागीय सचिव।
राज्यभर के पुलिस अिधकािरयों के साथ बैठक करते मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, गृह सचिव अन्य।