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संस्कृत का संरक्षण करें, इसके बिना आधुनिक भाषा की कल्पना भी नहीं की जा सकती है

News - रांची कॉलेज संस्कृत पीजी विभाग में शुक्रवार को आधुनिक भाषा विज्ञान और संस्कृत पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन हुआ।...

Dainik Bhaskar

Jul 30, 2016, 03:30 AM IST
संस्कृत का संरक्षण करें, इसके बिना आधुनिक भाषा की कल्पना भी नहीं की जा सकती है
रांची कॉलेज संस्कृत पीजी विभाग में शुक्रवार को आधुनिक भाषा विज्ञान और संस्कृत पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन हुआ। विभाग की अध्यक्ष डॉ. मीना शुक्ला ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि हमें आधुनिक भाषा विज्ञान संस्कृत का सरंक्षण करने की जरूरत है। संगोष्ठी की मुख्य अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सह संस्कृत सरंक्षण समिति अध्यक्ष डॉ. दीप्ति शर्मा त्रिपाठी ने आधुनिक भाषा विज्ञान संस्कृत की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत के बिना आधुनिक भाषा की कल्पना भी नहीं की जा सकती। 1785 में सर विलियम जोंस सबसे पहले संस्कृत एवं जर्मन में तुलनात्मक अध्ययन शुरू किया था। उसके बाद संस्कृत भाषा विज्ञान की शुरूआत हुई। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आज की आवश्यकताएं बदल गई हैं। इसलिए लोगों को भी अपना नजरिया बदलना होगा। देश में संस्कृत की रीति-नीति निर्धारित करने का सभी लोगों पर बहुत बड़ा उत्तरदायित्व है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जानकी देनी कर रही थीं। मौके पर डॉ. चंद्रकांत शुक्ला, डॉ. कंचन, डॉ. सबिता उरांव, और डॉ. मधुलिका वर्मा और स्टूडेंट्स मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन उषा टोप्पो ने दिया।

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