उद्योग जगत के अनुरूप युवाओं को करें स्किल्ड
राष्ट्रीयउच्चतर शिक्षा अभियान (रुसा) के रांची यूनिवर्सिटी के नोडल पदाधिकारी डॉ. एमके जमुआर ने कहा कि भारत युवाओं का देश है। युवा पढ़ाई समाप्त होते ही जॉब की चाहत रखते हैं। लेकिन, जॉब तभी मिलेगा जब उन्हें परंपरागत कोर्स से अलग हटकर नई चीजों की शिक्षा और जानकारी दी जाए। आज उद्योग जगत की मांग के अनुसार युवाओं को स्किल्ड करने की जरूरत है। वे बुधवार को निर्मला कॉलेज में रुसा के लक्ष्य उपयोगिता विषय पर आधारित वर्कशॉप में बोल रहे थे।
डॉ. जमुआर ने कहा कि वैश्विक शिक्षा के अनुसार आधारभूत संरचना तैयार करने में रुसा के माध्यम से आर्थिक मदद मिलेगी। इसके लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को इसके उद्देश्यों की सूक्ष्म जानकारी रखनी होगी। मौके पर प्रिंसिपल डॉ. ज्योति और रुसा के को-ऑर्डिनेटर डॉ. डी. राय ने भी विचार रखे। विशेषज्ञों ने 2030 तक एडमिशन दर 25 प्रतिशत तक का लक्ष्य लेकर कार्य करने का सुझाव दिया।
विशेषज्ञ नितेश राज ने कहा कि केंद्र ने रुसा की शुरुआत वर्ष 2013 में की थी। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों को आर्थिक सहयोग करना है। इसके तहत राज्य के 30 कॉलेजों को दो-दो करोड़ रुपए दिए गए हैं। रुसा के उद्देश्यों की जानकारी देने के लिए कॉलेजों को सेमिनार वर्कशॉप आयोजित करने के लिए भी राशि उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए शिक्षण संस्थानों को मानक के तहत निर्धारित समय के अंदर प्रोजेक्ट तैयार करना होता है, ताकि राशि समय पर आवंटित की जा सके।
निर्मला कॉलेज में रुसा के लक्ष्य उपयोगिता विषय पर आधारित वर्कशॉप में शामिल टीचर्स।