स्टूडेंट्स के अनुपात में हों पद सृजित
अखिलभारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को शिक्षा मंत्री डॉ. नीरा यादव से मिला। उन्हें कहा कि राज्य में शिक्षा की स्थित भयावह होती जा रही है। केजी से पीजी तक शिक्षकों की कमी है। रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं हो रही है। छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके अनुसार पद का सृजन नहीं किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने स्टूडेंट्स के अनुपात में पद का सृजन कर शीघ्र नियुक्ति की मांग की। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस दिशा में कार्यवाही चल रही है। प्रतिनिधिमंडल ने इसके अलावा भी कई मांगें रखीं।
प्रतिनिधिमंडल में अभाविप प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार, गुंजन मरांडी, डॉ. श्रवण सिंह, दीप नारायण जायसवाल, राजीव कुमार, याज्ञवल्क्य शुक्ल, डॉ. पुष्कर, रवि कुमार, राकेश पाठक समेत अन्य शामिल थे।
{राज्य के पांचों विवि पर नियंत्रण के लिए विवि सेवा आयोग का गठन हो।
{पांचों विवि में अधिकारियों-कर्मचारियों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए।
{वैसे शिक्षक, जिन्होंने 10 और आठ वर्षों की सेवा पूरी कर ली हैं, उन्हें दो महीने के अंदर प्रमोशन दिया जाए।
{नीलांबर-पीतांबर विवि को अपने कैंपस के लिए भूमि उपलब्ध कराएं।
{पांचों विवि के लिए एक समान वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाए।
{निजी विद्यालयों पर नियंत्रण के लिए अधिनियम आगामी बजट सत्र में पारित हो।
{सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने से पहले आधारभूत संरचना उपलब्ध हो।
{डिग्री से इंटर को अलग करें, निजी कोचिंग संचालन अधिनियम बने।
{मेटास करुण्या बी ग्रेड के विवि हैं, इनकी गतिविधियों की जांच कराई जाए।
शिक्षा मंत्री को अपनी मांगों से अवगत कराता एबीवीपी का प्रतिनिधिमंडल।