सरकार और अधिकारियों की सद््बुद्धि के लिए किया हवन
काम पर लौटें, नहीं तो संविदा समाप्त : निदेशक
शिक्षापरियोजना के कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी मांगों के समर्थन में राज्य परियोजना कार्यालय के समक्ष सरकार और विभागीय अधिकारियों की सद््बुद्धि के लिए हवन किया। इस कार्यक्रम में रांची, खूंटी, रामगढ़, गुमला और लोहरदगा जिले से करीब 500 कर्मचारी शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि मांगों को लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद कर्मचारी संघ के बैनर तले परियोजनाकर्मी 18 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य अपनी मांगों के प्रति प्रबंधन को संवेदनशील बनाना और यथाशीघ्र मांगों पर अमल कराना था।
हवन के दाैरान बताया गया कि कर्मचारी गुरुवार को परियोजना कार्यालय में तालाबंदी करेंगे। इसके अलावा शुक्रवार को शाम छह बजे जयपाल सिंह स्टेडियम से अलबर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस और पुतला दहन कार्यक्रम का आयाोजन किया जाएगा। कर्मियों ने कहा कि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो 13 फरवरी से राज्य परियोजना कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन पर बैठेंगे। इसमें दर्जनभर जिलों के कर्मचारी शामिल होंगे।
वीडियोग्राफीका किया विरोध
झारखंडशिक्षा परियोजना परिषद कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राजीव शरण ने कहा कि परिषद के प्रशासी पदाधिकारी प्रदीप चौबे के निर्देश पर हवन कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराई जा रही थी। लेकिन, संघ के सदस्यों के कड़े विरोध के बाद वीडियोग्राफी बंद कराई गई। इस कार्य के लिए कर्मचारियों ने प्रशासी पदाधिकारी की निंदा भी की।
{1998 में चतुर्थ वेतनमान के आधार पर निर्धारित वेतन को छठे वेतनमान में समपरिवर्तित किया जाए।
{समूह बीमा और चिकित्सा बीमा की सुविधा प्रदान की जाए।
{एक सितंबर 2014 से भविष्य निधि की कटौती की जाए। {परियोजना कर्मियों की सेवा नियमित की जाए।
राज्य परियोजना कार्यालय के समक्ष सरकार और विभागीय अधिकारियों की सद््बुद्धि के लिए हवन करते कर्मचारी।