चलती कक्षा में स्कूल का मुख्य गेट बंद फंसा बीमार, िप्रंसिपल परिजन उलझे
मध्यविद्यालय, थड़पखना बांगला में मंगलवार को सुबह 11 बजे रास्ते को लेकर जमकर हंगामा हुआ। स्कूल परिसर में रह रहे चौकीदार के परिवार ने जहां स्कूल प्रबंधन पर कक्षाएं चलने के दौरान मुख्य गेट पर ताला लगाकर बंधक जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया। वहीं प्रिंसिपल तनुज पांडेय ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से स्कूल का मुख्य गेट बंद कर दिया जाता है। चौकीदार का परिवार अवैध तरीके से यहां रह रहा है। इधर, गेट बंद रहने के दौरान बीमार चल रहे परिवार के एक सदस्य की हालत बिगड़ गई। सूचना मिलने पर झामुमो कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और मुख्य गेट खोलने की बात कहते हुए हंगामा करने लगे। प्रिसिंपल के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। धीरे-धीरे मामला बढ़ता गया और कार्यकर्ताओं की प्रधानाध्यापिका के साथ खूब नोकझोंक हुई। घटना की सूचना पाकर लालपुर पुलिस पहुंची। फिर जिला शिक्षा अधीक्षक जयंत कुमार मिश्रा को स्कूल बुलाया गया और उन्हें पूरे मामले की जानकारी देेते हुए समस्या का समाधान करने की मांग की।
डीएसई ने झामुमो कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि इस मामले का शीघ्र हल कर लिया जाएगा। इसके बाद झामुमो कार्यकर्ताओं ने उस बीमार व्यक्ति को सदर अस्पताल में भर्ती कराया।
झामुमो के नगर अध्यक्ष पवन जेडिया ने डीएसई से कहा कि अगर रास्ते का हल 48 घंटे के अंदर नहीं निकाला गया, को पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। जिस तरफ वे रहते हैं, वहां एक अलग से बाउंड्री वाल कर किनारे से रास्ता निकालने दें। उन्होंने कहा कि शंकर राम कई दिनों से बीमार रहने के कारण अपने ही घर में बंधक बने हुए थे। उन्हें वहां से निकाल कर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मध्य विद्यालय, थड़पखना परिसर में वर्षो से एक चौकीदार स्कूल परिसर में ही एक कमरा बना कर रह रहा था। उसकी मृत्यु के बाद से उसका परिवार उसी कमरे में ही रह रहा है। स्कूल में एक ही द्वार होने के कारण इन्हें आने जाने में काफी परेशानी होती है, क्योंकि स्कूल के समय में मुख्य द्वार बंद रहता है। मुख्य द्वार बंद करने को लेकर स्कूल की प्रधानाध्यापिका के साथ इस परिवार का कई बार विवाद हो चुका है। यहां रहनेवाले लोग गेट बंद होने पर सीढ़ी के सहारे आना-जाना करते हैं। प्रधानाध्यापिका का कहना है कि जिस परिसर में वे रहते हैं, वह स्कूल का है। वे अवैध तरीके से परिसर में रह रहे हैं। इसलिए स्कूल परिसर छोड़ दें, क्योंकि यह बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। जबकि इस परिवार का कहना है कि वे लोग 30 वर्षों से यहां रह रहे हैं, वे दूसरी जगह नहीं जाएंगे।
वृद्ध बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाते लोग स्कूल की प्रधानाध्यापिका से उलझते झामुमो कार्यकर्ता। फोटो: माणिकबोस