पुष्पगीत |रांची
पुष्पगीत |रांची
सरकारको रांची के विकास के लिए सेना के कब्जेवाली जमीन चाहिए। इसकी जद्दोजहद में जिला प्रशासन और राजस्व विभाग जुटा है। लेकिन, अभी तक सफलता नहीं मिली है। प्रशासन के अनुसार सेना के कब्जे में अभी भी करीब 800 एकड़ वैसी जमीन है, जिसका उपयोग शहर के विकास के लिए किया जा सकता है। यह भूमि सरकारी है, पर सेना इसे अपनी बता रही है। सेना के पास इसका कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। राजधानी बनने के बाद शहर की लगातार बढ़ती आबादी और आधारभूत संरचना के लिए कम पड़ रही जमीन में अगर आठ सौ एकड़ जमीन प्रशासन को मिल जाए, तो यह शहर के लिए वरदान होगा। इसकी कवायद सालों से चल रही है।
प्रमंडलीय आयुक्त केके खंडेलवाल ने भी बैठक कर सेना के साथ सहमति बनाने का प्रयास किया है। लेकिन, सफलता नहीं मिली है। इस कारण बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के सौंदर्यीकरण से लेकर अन्य कई योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। बताते चलें कि अविभाजित बिहार में जिला प्रशासन ने सेना को कुल चार हजार 838.56 एकड़ जमीन के बदले तीन हजार 985 एकड़ जमीन का ही अधिग्रहण किया था।