ट्रेनों में अपना बर्थ नहीं बेच सकेंगे टीटीई
ट्रेनोंकी स्लीपर और एसी बोगी में टीटीई अब अपना बर्थ नहीं बेच सकेंगे। खासकर शॉर्ट रूट की ट्रेनों में ड्यूटी करने वाले टीटीई अपने बर्थ यात्री को अलॉट कर देते हैं। एेसे कई मामले रेल निगरानी के पास आए हैं। अब दक्षिण-पूर्व रेलवे की रेल निगरानी शॉर्ट रूट में डयूटी करने वाले टीटीई बर्थ को खत्म करने की सिफारिश रेल मंत्रालय से करने की तैयारी में है।
शॉर्ट रूट के लिए टीटीई बर्थ को खत्म करने के लिए रेल मंत्रालय को पॉलिसी में बदलाव करना होगा। यह फैसला भी मंत्रालय के स्तर से ही होगा। -संजयघोष, सीपीआरओ
अगर रेलवे इस सिफारिश को मान लेता है, तो स्लीपर एसी बोगी में टीटीई बर्थ यात्रियों को मिल जाएगा। इससे जहां यात्रियों को सुविधा होगी, वहीं रेलवे का राजस्व भी बढ़ेगा।
एक ट्रेन में पांच बर्थ टीटीई को दिए जाते हैं। प्रत्येक चार स्लीपर तीन एसी बोगी पर एक-एक बर्थ टीटीई को उपलब्ध कराया जाता है। रांची रेल मंडल से 32 ट्रेनों में टीटीई की सीट को जोड़ा जाए तो इन ट्रेनों में 160 बर्थ टीटीई को मिल रहे हैं।