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छोटे भवन में भी वाहन की पार्किंग अनिवार्य

5 वर्ष पहले
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राजधानीमें जाम और पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए सरकार नई व्यवस्था कर रही है। अब भवन का नक्शा तभी पास होगा जब उसमें पार्किंग की व्यवस्था होगी। छोटे भवनों पर भी यह नियम लागू होगा। नगर विकास विभाग की ओर से तैयार किए गए बिल्डिंग बायलॉज 2016 के मसौदे में यह व्यवस्था की गई है। यानी अब जी प्लस टू भवन का भी नक्शा पास कराने के लिए पार्किंग की जगह छोड़नी होगी। इसके लिए भवन के ग्राउंड में अधिक निर्माण करने की अनुमति नहीं मिलेगी। पहले या दूसरे तल पर निर्माण क्षेत्र बढ़ाया जा सकेगा। बहुमंजिली इमारतों में जितना फ्लैट उतना पार्किंग सिस्टम लागू होगा। बिल्डिंग बायलॉज पर नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने स्वीकृति दे दी है। वित्त और विधि की स्वीकृति के बाद इसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

{ आवासीय और व्यावसायिक बहुमंजिले भवनों में बिल्डअप एरिया के आधार पर पार्किंग देनी होगी। वर्तमान बायलॉज में कारपेट एरिया के आधार पर पार्किंग छोड़ी जाती है। किचन, बाथरूम, पूजा घर को छोड़कर बिल्डर कारपेट एरिया निकालते हैं, ऐसे में उन्हें पार्किंग के लिए कम जगह छोड़नी पड़ती है। बिल्डअप एरिया पार्किंग का प्रावधान होने से पार्किंग की समस्या दूर होगी।

{ रेसीडेंशियल अपार्टमेंट में जितना फ्लैट होगा उतनी कार के लिए पार्किंग की जगह छोड़ना अनिवार्य होगा। कम पार्किंग प्लेस होने की स्थिति में नक्शा पास नहीं होगा।

{ कॉमर्शियल कांप्लेक्स में ग्राउंड कवरेज एरिया का 25 फीसदी पार्किंग स्पेस छोड़ने का प्रावधान किया गया है। यानी डेवलपर के पास ऑप्शन होगा कि वे फ्रंट सेट बैक अधिक छोड़ें या डबल बेसमेंट बनाकर पार्किंग के लिए जगह छोड़ें।

{ ग्रुप हाउसिंग में निम्न मध्यम वर्ग के लोगों के लिए आवास बनाने का प्रावधान होने की स्थिति में फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) बढ़ाने की अनुमति मिलेगी।

{ स्वीकृत नक्शा की वैधता पांच वर्ष रहेगी। वर्तमान में यह मात्र तीन वर्ष है। बिल्डरों के फायदे के लिए अवधि बढ़ाई गई है।

{300 वर्गमीटर के भवन का नक्शा और फीस जमा करने के साथ निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। इसके लिए पहले नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं होगी।

{30 फीट चौड़ी सड़क होने की स्थिति में फ्रंट सेट बैक मात्र 5 फीट छोड़ना होगा, जबकि वर्तमान बायलॉज में सड़क की चौड़ाई के अनुसार सेटबैक छोड़ना पड़ता है।

{जी प्लस टू तक के भवन में ग्राउंड कवरेज एरिया 75 प्रतिशत मिलेगा। अभी ग्राउंड कवरेज मात्र 60 फीसदी मिलता है। यानी एक हजार वर्ग फीट जमीन है तो 750 वर्गफीट में निर्माण हो सकेगा।

{जमीन के दोनों तरफ सड़क है तो एक तरफ ही फ्रंट सेटबैक छोड़ना होगा। वर्तमान में दोनों ओर फ्रंट सेट बैक छोड़ने का प्रावधान है।

{चौड़ी सड़क होने की स्थिति में जी प्लस टू भवन के साइड सेट बैक में भी छूट मिलेगी। जबकि अभी साइड और बैक सेटबैक छोड़ना अनिवार्य है।

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