पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रिम्स में पदस्थाप

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
Q रिम्स में रंग-रोगन और टपअप वर्क का टेंडर निकाला गया है, काम तो 4 माह पहले हुआ है?

Aसीएमका कार्यक्रम था। हड़बड़ी में काम कराया था।

Qलेकिन आपने कहा था कि काम रिम्स करा रहा है, अब आप क्यों कराएंगे?

Aपैसारिम्स प्रबंधन दे रहा है, काम विभाग करा रहा है।

Qकई काम पहले हो चुके हैं, अब टेंडर क्यों निकाला?

Aमुझेइस बारे में कोई जानकारी नहीं है।


रिम्स में पदस्थापित भवन निर्माण विभाग के इंजीनियर, प्रबंधन के अधिकारी और ठेकेदारों की लॉबी हावी है। रिम्स में इसी वर्ष मार्च में बिना टेंडर के लाखों का जीर्णोद्धार कार्य बिना टेंडर के कराया गया। ठेकेदारों ने जैसे-तैसे काम किया और सीमेंट वर्क बरसात में बह गया। ठेकेदारों पर कार्रवाई की बजाए रिम्स में भवन निर्माण के इंजीनियरों ने पांच माह बाद इसी वर्क के लिए टेंडर निकाला है जो 29 सितंबर को खोला जाएगा। यह सिर्फ इसलिए कि ठेकेदारों को पैसे का भुगतान किया जा सके। साथ ही कमीशन की राशि बांटी जा सके। इस मामले में भवन निर्माण के रिम्स डिवीजन के इंजीनियरों की भूमिका संदेह के घेरे में है। अब गड़बड़ी पकड़ी गई तो इंजीनियर कह रहे हैं कि दोबारा काम कराएंगे। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जो पूर्ण हो चुके हैं क्या उन्हें तोड़कर दोबारा बनाया जाएगा? क्योंकि कई ऐसे कार्य हैं जो करीब 50 फीसदी पूरे हो चुके हैं। बिना टेंडर इंजीनियरों ने यह काम किससे कराया?

क्याहै पूरा मामला

रिम्सपरिसर तथा आवास में कई कार्यों के लिए टेंडर निकाला गया है। हालांकि, इसमें से कई कार्य कई महीने पहले ही प्रारंभ हो गए थे। इंजीनियरों ने पहले चहेतों को काम दे दिया है, और अब पेमेंट के लिए टेंडर कर रहे हैं। डीबी स्टार ने भवन निर्माण की ओर से निकाले गए कार्यों की पड़ताल की तो यह खुलासा हुआ कि टेंडर में उल्लेखित कई कार्य पूर्ण हैं या प्रगति पर हैं।

बिना टेंडर कराए जा रहे कार्यों का खुलासा डीबी स्टार ने 4 मार्च को शीर्षक ‘सीएम को भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं... से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद कार्य रोक दिए गए थे।

ओपीडी कॉरिडोर, पोस्टऑफिस एवं पैथोलॉजी प्रयोगशाला के पैसेज के निर्माण कार्य के लिए टेंडर निकाला गया है। इसके लिए तीन लाख रुपए का प्राक्कलन तैयार किया गया है। लेकिन इसका 50 प्रतिशत काम पहले ही हो चुका है।

बह गया 10 लाख का टच अप वर्क

सीएमके दौरे को लेकर भवन निर्माण विभाग रिम्स डिवीजन की अोर से आनन-फानन में पीसीसी सड़कों का टचअप कराया गया। गेट नं. दो से सुलभ शौचालय तक पीसीसी एवं पार्किंग स्थल, गेट नं. एक से प्रशासनिक भवन का टचअप वर्क, निदेशक आवास का चारो तरफ गार्डवाल एवं अन्य कार्य कराए गए, लेकिन पांच माह में ही यह सब बर्बाद हो गया।

29 सितंबर को खोला जाएगा इन कार्यों के भुगतान के लिए दिखावे का टेंडर

केके सिन्हा, एसडीओ, भवन निर्माण, रिम्स सब डिविजन

4 मार्च को रिम्स एसडीओ केके सिन्हा ने कहा था कि सभी काम डायरेक्टर साहब खुद करवा रहे हैं। सीएम का कार्यक्रम है। हम लोग तो केवल सुपरविजन कर रहे हैं। घटिया कार्य पर उन्होंने कहा था कि लोगों के चलने के कारण पाथवे टूट जा रहा है, वैसे रंग-रोगन तो ठीक है।

रिम्स के सी-टाइप नर्सेज आवास की चहारदीवारी पर कंसनटीना वायर लगाने का टेंडर भी निकाला गया है। लेकिन जब मौके पर जांच की गई, तो पता चला कि यह काम भी पहले ही प्रारंभ हो चुका है। इसके लिए 9.83 लाख रुपए का टेंडर निकाला गया है।

परिसर को सुंदर बनाने के लिए फुटपाथ, पेभर और दीवारों का रंग-रोगन किया गया था। पांच माह में ही रंग बह गया। अब पैसा भुगतान के टेंडर निकाला है।

लाखों कमाए

सीएम दौरे की आड़ में

investigation

रिम्स में सीएम दौरे के पहले मार्च में बिना टेंडर कराए गए लाखों के कार्यों की पोल खुल गई है। रिम्स में पदस्थापित भवन निर्माण के इंजीनियर और प्रबंधन ने चहेते ठेकेदारों को पेमेंट करने और कमीशन पाने के लिए मार्च में हो चुके वर्क का टेंडर अब निकाला है। इसके लिए बड़ी चालाकी से कुछ नए कार्यों की सूची में पुराने हो चुके कार्यों को भी डाल दिया गया है ताकि ऐसा लगे कि टेंडर पहली बार निकल रहा है। हद तो यह है कि जो काम मार्च में हुए थे, वह भी बारिश में बह गए।

मार्च में मनमर्जी से कराए लाखों के काम अब पेमेंट के लिए होगा टेंडर का नाटक

सीधी बात

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- व्यक्तिगत तथा पारिवारिक गतिविधियों में आपकी व्यस्तता बनी रहेगी। किसी प्रिय व्यक्ति की मदद से आपका कोई रुका हुआ काम भी बन सकता है। बच्चों की शिक्षा व कैरियर से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य भी संपन...

    और पढ़ें