मानदेय को लेकर कृषक मित्रोंं ने किया विरोध
प्रदर्शन
जिनकृषक मित्रों की बदौलत दलहन में चार-चार राष्ट्रीय पुरस्कार झारखंड में हासिल किया, उसे राज्य सरकार फ्री में खटवा रही है। बिहार में जहां कृषक मित्रों को 13 हजार रुपए मासिक मानदेय मिल रहा है, वहीं झारखंड में वर्ष भर में महज 56 सौ रुपए प्रोत्साहन राशि दे रही है। न्यूनतम मजदूरी भी कृषक मित्रों को नहीं मिल रही है। उक्त बातें पूरे राज्य भर से जुटे 16 हजार कृषक मित्रों ने राजभवन-सीएम आवास मार्च-घेराव कार्यक्रम के दौरान कही। कार्यक्रम के बाद एक प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए कृषि निदेशक के पास गया और अपने मांग पत्र सौंपा। इसमें माध्यम से शिक्षित न्यूनतम मजदूरी के बराबर मानदेय, पंचायत पैक्स कृषि के अधीन हो, 60 वर्ष उम्र सीमा सुनिश्चित करने आदि की मांग की गई। मौके पर प्रदेश कृषक मित्र महासंघ के शशि कुमार भगत पवन सिंह, सुशेन, राजेश पूनम देवी सहित कई उपस्थित थे।