सदर हॉस्पिटल में होगी 500 बेड की व्यवस्था
सदरहॉस्पिटल का नया सुपर स्पेशिएलिटी भवन सदर हॉस्पिटल के नाम से ही जाना जाएगा। यहां 500 बेडों की व्यवस्था होगी। यह हॉस्पिटल सरकार ही चलाएगी। पहले इसके एक हिस्से को रिम्स को देने की बात हो रही थी, पर अब यह सदर हॉस्पिटल का ही हिस्सा रहेगा। सरकार ने इसके संचालन की दिशा में काम शुरू कर दिया है। स्टाफ और चिकित्सा संबंधी उपकरण की तैयारी पूरी नहीं होने के कारण हॉस्पिटल मार्च की जगह अप्रैल में प्रारंभ होगा। यह आश्वासन स्वास्थ्य सचिव के विद्या सागर ने नागरिक प्रयास मंच को दिया। ज्ञात हो कि नागरिक प्रयास मंच ने बुधवार को हॉस्पिटल संचालन के लिए नेपाल हाउस का घेराव किया। मंच के सचिव पीपी वर्मा समेत छह सदस्यीय टीम ने स्वास्थ्य सचिव के साथ वार्ता की। स्वास्थ्य सचिव ने 200 बेड की बजाय सबसे पहले 50 बेड से हॉस्पिटल शुरू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि दो सौ बेड का संचालन प्रारंभ करने में समय अधिक लगेगा, इसलिए पहले 50 बेड ही अस्पताल शुरू किया जा रहा है।
मंच ने हॉस्पिटल में दवा नहीं मिलने की शिकायत की। कहा, सिविल सर्जन कहते हैं कि दवा है, पर मरीजों को दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही है। जीवन रक्षक दवाएं भी हॉस्पिटल से नहीं दी जा रही हैं। स्वास्थ्य सचिव ने सिविल सर्जन डॉ. गोपाल श्रीवास्तव से आठ दिनों के अंदर दवाओं की पूरी रिपोर्ट सौंपने को कहा।
नोयडा का रेफरल हॉस्पिटल एक रुपए के रजिस्ट्रेशन के बाद मरीजों को नि:शुल्क दवाएं देता है। फिर भी वह हॉस्पिटल प्रॉफिट में है। नागरिक प्रयास मंच ने टीम भेजकर हॉस्पिटल का निरीक्षण करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल के रिटायर चिकित्सक डॉ. एनकेपी मिश्रा नि:शुल्क सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।
नेपाल हाउस के पास धरना पर बैठे मंच के सदस्य।