खरीदारी के साथ कारीगरी का मजा भी
मिट्टी से दीया और गुल्लक बनाते कुम्हार के हाथों की कला तो रेशम सूत से कपड़ा बनाती महिलाओं की कारीगरी देखकर सबके लबों पर वाह...वाह की आवाज। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान। यह नजारा था मोरहाबादी में चल रहे खादी एवं सरस महोत्सव के सातवें दिन का। यहां खरीदारी के साथ लोगों को हस्तशिल्प कला का लाइव प्रदर्शन देखने का मौका भी मिल रहा है। लाइव हस्तकला का प्रदर्शन देखने की इच्छा रखने वाले ग्राहकों की डिमांड पर कलाकार मेला खुलने के समय से लेकर रात तक अपनी कला पेश कर रहे हैं। इधर, गुरुवार को मौसम के बदलते मिजाज के बावजूद मेला आने वाले लोगों की संख्या बढ़ी। मेला परिसर ग्राहकों से गुलजार रहा। रोजाना की तरह दोपहर के बाद से मेले की रौनक में इजाफा हुआ। रात 9 बजे तक खरीदारी का सिलसिला चलता रहा।
आंवला की मिठाई है खास
मेलेमें कुटीर उद्योग के सामानों की बिक्री भी खूब हो रही है। विभिन्न राज्यों जिलों में बनाए गए खाद्य पदार्थ लोगों का भा रहे हैं। प्रतापगढ़ के स्टाल पर आंवला के उत्पाद का क्रेज नजर रहा है। आंवला का जूस, मिठाई, मुरब्बा और आंवला के विभिन्न उत्पादों की जमकर खरीदारी हो रही है।
कल्चर इवेंट का जादू छाया
मेलेमें कल्चरल इवेंट का अलग ही क्रेज है। यहां आने वाले लोगों को एक परिसर में जहां देश के कई राज्यों की हस्तशिल्प कला को करीब से जानने का मौका मिल रहा है। वहीं, विभिन्न राज्यों की कला-संस्कृतियों की भी जानकारी मिल रही है। मेला परिसर में हर उम्र के लोगों के लिए कुछ कुछ खास है।
गुरुवार को भले ही मौसम थोड़ा ठंडा था, लेकिन मेले में आने वाले खरीदारों का जोश कम नहीं हुआ।
SARAS FAIR