आदिवासी छात्रों को बिना गारंटी के 4 लाख तक का एजुकेशन लोन दें
गांवों में ज्यादा शाखा खोलें, ग्रामीणों को दें लाभ
मुख्यमंत्रीरघुवर दास ने कहा कि आदिवासियों को लोन देने में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए। अगर उनको ऐसी शिकायतें मिली तो वह कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्हें ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि आदिवासियों को लोन देने बैंक आनाकानी करते हैं। इसी तरह आदिवासी छात्रों को भी बिना गारंटी के चार लाख रुपए तक का एजुकेशन लोन दिया जाए। उन्होंने कहा कि सीएनटी के कारण कुछ व्यवधान है, लेकिन उन्हें दूर करने के लिए सरकार ने कमेटी गठित कर दी है। कमेटी की रिपोर्ट मिलते ही सरकार निर्णय लेकर आदिवासियों के लिए व्यवसायिक और आवास ऋण की भी व्यवस्था करेगी। वह आज राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक में राज्य के सभी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बैंकों को सुरक्षा मुहैया कराना सरकार की जिम्मेदारी है।जल्द ही राज्य में 10 हजार सिपाहियों और 2000 दरोगा की भर्ती शीघ्र होगी। मुख्यमंत्री ने रिजर्व बैंक और नाबार्ड के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इन संस्थानों ने जमीन मांगी थी और सरकार ने जमीन उपलब्ध करा दी है अगर निर्धारित समयावधि में उस जमीन पर निर्माण शुरू नहीं किया गया, तो जमीन दूसरे संस्थानों को दे दी जाएगी।
पीएमजेडीवाइ योजना को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार और बैंको द्वारा विभिन्न स्थानों में शिविर लगाए गए, जिनमे 31 दिसंबर तक 5397597 खातेदारों को जोड़ा गया है। 4008426 रुपे कार्ड जारी किए गए और 3515352 खातों को आधार सीडिंग किया गया। पीएमएमवाइ योजना के तहत 31 दिसंबर तक शिशु वर्ग में 115901, किशोर वर्ग में 22016 और तरुण वर्ग मे 4021 लाभुकों को ऋण प्रदान किया गया है। कमजोर वर्ग को 14337 करोड़ रुपए ऋण दिया गया जो कुल ऋण का 21.25 है जो राष्ट्रीय बेंचमार्क 10फीसदी से काफी बेहतर है।
राज्यस्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक में उपस्थित राज्य के सभी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी।