रांची. विनय मर्डर केस में गुरुवार करीब पौने तीन बजे सीजीएम कोर्ट में चारों आरोपियों काे पेश किया गया। कोर्ट परिसर के बाहर नाजिया ने फैमिली के ऊपर लगे आरोपों को झूठा ठहराया तो वहीं आरोपी हम्जा ने भी भास्कर से बातचीत में खुद को बेकसूर बताया और उसकी बहन ने विनय के साथ फॉस्ट फ्रेंड न होकर, हाय-हैलो तक की दोस्ती के रिश्ते की बात कही। सिविल कोर्ट कैंपस से लाइव...
सीजीएम कोर्ट में पुलिस पेशी के लिए आरोपी नाजिया हुसैन, आरिफ अली अंसारी और उनके बेटे हम्जा व उनकी बेटी को लेकर अाई। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चारों को पेश किया गया।
कोर्ट कैंपस के बाहर नाजिया ने फैमिली के ऊपर लगे आरोपों को झूठा ठहराते हुए कहा कि हम लोग दोषी नहीं, पुलिस जानबूझकर फंसा रही है। बार-बार पूछे जाने पर कि तो दोषी कौन है, पुलिस किसे बचा रही है। नाजिया ने कहा कि हमलोग बेकसूर हैं।
आपको बता दें कि सफायर इंटरनेशनल स्कूल में सातवीं क्लास के स्टूडेंट विनय के मर्डर में उसकी टीचर नाजिया, पति आरिफ अली अंसारी और उनके बेटे हम्जा व उनकी बेटी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
कोर्ट परिसर में भास्कर संवाददाता से आरोपी स्टूडेंट हम्जा ने बातचीत में कहा-
सवाल : आज मीडिया में जो बातें आई हैं, उसमें कितनी सच्चाई है?
जवाब : पूरी बात गलत है। हमलोगों ने कुछ नहीं किया है।
सवाल : तो क्या पुलिस फंसा रही है?
जवाब : हां।
सवाल : कैसे फंसा रही है? कल (बुधवार) जब पुलिस ने खुलासा किया था, तब तो आपलोग चुप क्यों थे?
जवाब : पुलिस टॉर्चर कर रही। हमें टॉर्चर कर फंसाया जा रहा है।
सवाल : विनय आपका दोस्त था, उसका मर्डर हुआ है, नहीं लगता है कि सच्चाई सामने आनी चाहिए?
जवाब : हां, सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए। मगर हमलोग दोषी नहीं हैं, पुलिस फंसा रही है। (इसी बीच छात्र की बहन उसे रोक कर कहती है) फॉस्ट फ्रेंड नहीं था, हाय-हैलो की ही दोस्ती थी।
भाई-बहन एक दूसरे को पकड़ कर खूब रोए,
कहा-प्लीज, हमें साथ रहने दो हम कभी अलग नहीं रहे
महिला थाना की पुलिस दोनों भाई-बहन (हम्जा आरिफ व हिब्जा आरिफ) को सिविल कोर्ट से लेकर बूटी मोड़ के डुमरदगा बाल सुधार गृह पहुंचीं, तो दोनों रोने लगे। भाई-बहन एक दूसरे का हाथ नहीं छोड़ नहीं रहे थे।
दोनों ने महिला थानेदार से कहा, प्लीज हमें एक साथ रहने दो। हमदोनों कभी एक दूसरे से अलग नहीं रहे हैं। पुलिस भाई को गेट के अंदर करने लगी, तो बहन भी अंदर जाने की जिद करने लगी। आधा घंटा तक दोनों भाई-बहन एक दूसरे को पकड़कर खूब रोए।
पुलिस किसी तरह भाई को बाल सुधार गृह में छोड़ने के बाद बहन को नामकुम स्थित नारी निकेतन छोड़ने के लिए चली गई। पूरे रास्ते बहन बोलती रही कि मैं परिवार के बिना इतनी दूर कैसे रहूंगी।
पुलिस उसे लेकर रिमांड होम पहुंची और वहां इंट्री कराने के बाद उसे छोड़कर कर आने लगी, तो वह दौड़कर थानेदार के पास पहुंच गई। उसने फिर भाई के साथ रहने की जिद की। कहा, भईया के पास ले चलो। फिर नारी निकेतन के लोग छात्रा को जबरन अंदर ले गए।
टीचर दुर्वानंद को गवाह बनाएगी पुलिस
विनय के मर्डर केस में सफायर स्कूल के आर्ट टीचर दुर्वानंद को पुलिस गवाह बनाएगी। विनय को जख्मी हालत में सबसे पहले दुर्वानंद ने ही देखा था और सभी को सूचना दी थी। दुर्वानंद का बयान लेने के बाद उसे कोर्ट में जमा किया जाएगा। दुर्वानंद को पुलिस ने पांच दिन तक थाना में रखा था।
इसके बाद अचानक से पूरा मामला पलट गया और दुर्वानंद को पुलिस ने छोड़ दिया। पुलिस का दावा था कि दुर्वानंद के कमरे से कई ऐसी चीजें मिली हैं, जो शक के घेरे में हैं। दुर्वानंद के कमरे से बच्चे का अंडरवियर मिला था। इस पर स्कूल प्रबंधन और दुर्वानंद ने अलग-अलग बयान दिया था।
बच्चों के अभिभावकों से प्राचार्य ने मांगा सहयोग
सफायर स्कूल के प्राचार्य ध्रुव दास ने विनय मर्डर केस को लेकर सभी पेरेंट्स के नाम से लैटर भेजे हैं। लैटर में कहा गया है कि इस कठिन हालात में आपसे कॉपरेशन की आशा है। अलग-अलग जरियों से मनोबल कमजोर करने की कोशिश हो रही है। स्कूल की सेफ्टी काे और मजबूत कर रहे हैं। विनय की मौत से पूरी स्कूल फैमिली दुखी है।
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